
इंदौर। राज्य सेवा परीक्षा-2026 में आवेदन करने की प्रक्रिया जारी है। कम पद निकालने को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं। उनका कहना है कि जब सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, तो कम पदों पर भर्तियां क्यों निकाली हैं। यह स्थिति तीन वर्षों से चल रही है।
आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को राज्य सेवा परीक्षा-2026 की अधिसूचना जारी की। इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर नौ फरवरी तक चलेगी। प्रक्रिया में 21 विभागों के केवल 155 पद शामिल किए गए हैं। इनमें 17 डिप्टी कलेक्टर, 18 उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), तीन वाणिज्यकर अधिकारी, 15 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चार जनसंपर्क विभाग, 16 सहकारिता विभाग, 10 आबकारी विभाग सहित अन्य पद शामिल हैं। विज्ञापन जारी होते ही अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या को लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।
उनका कहना है कि कई विभागों में वर्षों से पद खाली हैं, लेकिन उनके अनुरूप भर्तियां नहीं की जा रही हैं। इससे न केवल युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर बीते दिनों इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र स्थित एक उद्यान में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी एकत्र हुए थे। सभी आयोग कार्यालय जाकर धरना-प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। उसके बाद भी अभ्यर्थियों का विरोध थमा नहीं है। वे लगातार आयोग और शासन को ई-मेल भेजकर पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार युवाओं की बेरोजगारी खत्म करने की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में इसके लिए ठोस कदम नहीं उठा रही। मामले में मप्र लोक सेवा आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन पद बढ़ाएगा, तभी उनकी अधिसूचना निकालेंगे।