सिंघार बोले-केन-बेतवा में आदिवासियों की जगह मुस्लिम को मुआवजा मिला

Updated on 17-07-2026 12:10 PM
भोपाल, एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को 44 हजार करोड़ रुपए की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।

भोपाल में उन्होंने कहा कि परियोजना का निर्माण कर रही नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी से भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 60 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। इसीलिए सरकार कंपनी के हित में काम कर रही है और प्रभावित आदिवासियों व किसानों की शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और सोशल ऑडिट की मांग की।

‘भाजपा विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रही’

उमंग सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की झड़ी लग गई है। प्रदेश में लगातार व्यापम, परीक्षा और गेहूं-चावल जैसे घोटाले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि अब केन-बेतवा परियोजना में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं।

'आदिवासियों पर लाठीचार्ज, गांवों में दहशत'

सिंघार ने कहा- 14 जुलाई को मैंने पन्ना और छतरपुर के प्रभावित गांवों का दौरा किया। कूपी गांव में वे करीब पांच से सात घंटे विस्थापित परिवारों के बीच रहा। आंदोलन कर रहे आदिवासियों और किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

80 वर्ष तक की बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट की गई। कई महिलाओं ने उन्हें पुलिस कार्रवाई की आपबीती सुनाई। सिंघार ने सवाल उठाया कि सरकार कंपनी के लिए आदिवासियों और किसानों पर इतनी सख्ती क्यों कर रही है।

ग्राम सभाओं में फर्जीवाड़े का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, वहां कानून के अनुसार ग्राम सभाओं की अनुमति नहीं ली गई। उनका दावा है कि कई गांवों में ग्राम सभाएं हुई ही नहीं, लेकिन रिकॉर्ड में उनकी कार्यवाही दर्ज कर दी गई। एक ग्राम पंचायत में सरपंच की जगह दूसरे व्यक्ति के हस्ताक्षर कर दिए गए। सिंघार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून के खिलाफ हुई है और इसकी जांच होनी चाहिए।

11 करोड़ स्वीकृत, 8 करोड़ गांव छोड़ चुके लोगों को

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि एक गांव में 11 करोड़ रुपए का मुआवजा स्वीकृत हुआ, लेकिन उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार करीब 8 करोड़ रुपए ऐसे लोगों के खातों में पहुंचे, जो वर्षों पहले गांव छोड़ चुके थे। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी गांव में एक ऐसे मुस्लिम परिवार के खाते में भी मुआवजा पहुंचा, जो वहां रहता ही नहीं था। उन्होंने जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।

कलेक्टर और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

सिंघार ने छतरपुर कलेक्टर पर जांच दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक पात्रों को राशि मिली या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रभावित लोगों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार नहीं है।

दूसरे के नाम चढ़ा दी जमीन, मुआवजा भी उसे मिल गया

सिंघार ने सुखवा गांव की एक बुजुर्ग आदिवासी महिला का मामला उठाते हुए कहा कि उसकी जमीन राजस्व रिकॉर्ड में दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई। मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद मुआवजा दूसरे व्यक्ति को दे दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार बताए, ऐसी महिला को अब न्याय कैसे मिलेगा।

आंदोलनकारियों से वसूली और दस्तावेज जब्त करने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर 20 से 30 हजार रुपए प्रति व्यक्ति तक वसूले। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के मोबाइल फोन, निजी वाहन और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए। उनका आरोप है कि लोगों को कानूनी लड़ाई लड़ने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।

वन स्वीकृति और बांध निर्माण पर भी सवाल

सिंघार ने कहा कि परियोजना को वन विभाग की स्टेज-2 मंजूरी मिलने के बावजूद पुनर्वास और विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इसके बावजूद 2025 में बांध निर्माण शुरू कर दिया गया, जो नियमों का उल्लंघन था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में जल्दबाजी की गई और इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

भाजपा को 60 करोड़ का चंदा मिला

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि परियोजना का निर्माण कर रही एनसीसी (नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी) ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा को 60 करोड़ रुपए का चंदा दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना में "चंदा और ठेके की राजनीति" चल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का नया प्रदेश कार्यालय भी ऐसे ही "कमीशन की राजनीति" का परिणाम है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेज होने का दावा किया।

सोशल ऑडिट और उच्च स्तरीय जांच की मांग

सिंघार ने कहा कि उन्होंने प्रभावित परिवारों, उनके प्रतिनिधियों और वकीलों को शामिल कर सोशल ऑडिट कमेटी बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो स्वतंत्र जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 July 2026
विधानसभा उपचुनाव-2026 के दृष्टिगत दतिया जिले में आदर्श आचार संहिता के प्रभावी पालन एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु सतत करवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री…
 17 July 2026
भोपाल, सरकारी बैठकों में निर्णय लेने में लेटलतीफी और लंबी व उबाऊ मीटिंग से होने नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइड जारी की है। इसमें प्रदेश में उच्च पदों…
 17 July 2026
भोपाल, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग को कथित VIP ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। भोपाल में समाजवादी पार्टी के प्रदेश…
 17 July 2026
भोपाल, दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम…
 17 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद के बीच अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) भी खुलकर मैदान में उतर आई है। पार्टी…
 17 July 2026
भोपाल। बैरसिया के शाहपुरा गांव में पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश को लेकर बलवा हो गया। सरपंच चुनाव में वोट नहीं देने की नाराजगी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ…
 17 July 2026
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन योजना से पुनर्विकसित सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण शुक्रवार को होगा।पर्यटन का मिलेगा बढ़ावारेलवे…
 17 July 2026
 भोपाल। लोक निर्माण विभाग ने 13 जुलाई को पदोन्नत किए गए दिलीप सिंह टेकाम की पदोन्नति दो दिन बाद ही निरस्त कर दी।दरअसल, सहायक यंत्री से कार्यपालन यंत्री पद पर…
 17 July 2026
भोपाल। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अधीक्षण अभियंता (एसई) से मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) के पदों पर होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। गुरुवार को प्रस्तावित…
Advt.