
भोपाल: भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद की संघ में वापसी हो गई। उन्हें मध्य क्षेत्र (मप्र और छत्तीसगढ़) का क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है। भाजपा में उनकी जगह अभी किसी को दायित्व नहीं दिया गया। वह वर्ष सितंबर 2020 में सह संगठन महामंत्री के रूप में प्रदेश भाजपा में आए थे।
2022 मार्च में संगठन महामंत्री सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद उन्हें यह दायित्व सौंपा गया। भाजपा में आने के पहले वह विद्या भारती में क्षेत्रीय संगठन मंत्री थे। हितानंद के कार्यकाल में दो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, डॉ. मोहन यादव और दो प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और हेमंत खंडेलवाल रहे।वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत के पीछे उनका बूथ सशक्तीकरण मॉडल का प्रयोग भी था। भाजपा ने इसे दूसरे राज्यों में भी अपनाया। विधानसभा चुनाव में पार्टी को 230 में 163 सीटें और लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटों पर जीत मिली।
वर्ष 2025 में हुए संगठन चुनाव (संगठन पर्व) में मंडल अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के चुनाव निर्विवाद संपन्न कराने में भी हितानंद ने बड़ी भूमिका निभाई। कहीं कोई विरोध देखने को नहीं मिला था। इसी तरह से पीढ़ी परिवर्तन के माध्यम से पार्टी में नए लोग और युवाओं को आगे लाने का उन्होंने अच्छा प्रयास किया। अनुशाासनहीनता के मामलों में पार्टी पदाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में समझाने में भी उन्होंने कसर नहीं छोड़ी।
अब क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख रूम में उनका मुख्यालय जबलपुर होगा। हितानंद के अतिरिक्त तीन और परिवर्तन आरएसएस में हुए हैं। मध्य भारत के प्रांत प्रचार प्रमुख मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत में भेजा गया है। सुरेन्द्र मिश्रा अब पूर्व सैनिक सेवा परिषद और ब्रजकिशोर भार्गव क्षेत्र गो सेवा प्रमुख बनाए गए हैं। फिलहाल क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मप्र और छग में आधा-आधा समय देकर नए प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति होने तक कामकाज देखेंगे।