हिंदी-चीनी भाई-भाई... अमेरिका ने भारत पर लगाई 'पाबंदी' तो चीन ने बढ़ाया हाथ, एक्सपोर्ट में बन गया रेकॉर्ड
Updated on
27-10-2025 03:10 PM
नई दिल्ली: अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत को चीन का साथ मिला है। अमेरिका ने भारत पर भारी-भरकम 50% टैरिफ लगाया है, जिससे अमेरिका को एक्सपोर्ट कम हो गया है। ऐसे में चीन भारत की मदद के लिए आगे आया है। भारत ने चीन को अब इतना सामान एक्सपोर्ट कर दिया कि यह रेकॉर्ड बन गया। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक भारत का चीन को एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 22% बढ़ गया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेईहोंग (Xu Feihong) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके बारे में जानकारी दी है।
शू फेईहोंग ने कहा कि चीन भारत के प्रीमियम सामानों का स्वागत करता है और अमेरिका के टैरिफ से भारत के व्यापार पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद करने के लिए तैयार है। यह बात ऐसे समय सामने आई है जब यह खबर आई कि 2025-26 के वित्तीय वर्ष में भारत का चीन को निर्यात काफी बढ़ा है। इसमें टेलीफोन सेट के पुर्जे, झींगे, एल्युमीनियम और शिमला मिर्च जैसे उत्पादों की मांग सबसे ज्यादा रही
कितना हुआ चीन को एक्सपोर्ट
अप्रैल-सितंबर 2025 में भारत का चीन को एक्सपोर्ट 8.41 अरब डॉलर रहा, जबकि साल 2024 की इसी अवधि में यह 6.90 अरब डॉलर था। यह 22% की बढ़ोतरी है। खासकर, अगस्त में अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर ऊंचे टैरिफ लगाने के बाद यह बढ़ोतरी और तेज हुई। सितंबर 2025 में अकेले चीन को एक्सपोर्ट 34% बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया, जो सितंबर 2024 में 1.09 अरब डॉलर था।
किन चीजों का एक्सपोर्ट बढ़ा?
हल्के तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का एक्सपोर्ट 116% बढ़कर 1.48 अरब डॉलर हो गया, जो पहले 686.11 मिलियन डॉलर था।
टेलीफोन सेट के पुर्जों का एक्सपोर्ट 162% बढ़कर 467.65 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
फ्रोजन झींगे और प्रॉन्स का एक्सपोर्ट 25% बढ़कर 467.51 मिलियन डॉलर हो गया।
सल्फर का एक्सपोर्ट 175% बढ़कर 116.80 मिलियन डॉलर हो गया।
एल्युमीनियम की शिपमेंट लगभग 59% बढ़कर 191.93 मिलियन डॉलर हो गई।
इनका एक्सपोर्ट पहली बार
खास बात यह है कि कुछ ऐसे नए सामानों का एक्सपोर्ट भी बढ़ा है, जिनका पिछले साल या तो कोई एक्सपोर्ट नहीं था या बहुत कम था। उदाहरण के लिए OLED वाले फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल का एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में शून्य था, लेकिन वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में यह 246.26 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की बढ़ती व्यापारिक क्षमता और सप्लाई-चेन में विविधता लाने का नतीजा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में चीन को भारत के एक्सपोर्ट में 22% की बढ़ोतरी हमारे निर्यातकों की फुर्ती और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का एक उत्साहजनक संकेत है। खासकर झींगे, एल्युमीनियम और टेलीफोन सेट जैसे मूल्यवान उत्पादों में।
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