कोल लेवी घोटाला...5 करोड़ में सिंडिकेट का सेटअप तैयार:पप्पू ने रकम दी, निखिल-नवनीत ने सूर्यकांत तक पहुंचाई; 7 वॉट्सऐप ग्रुप से चलता था नेटवर्क

Updated on 06-10-2026 01:36 PM

रायपुर में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के कथित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सोमवार को करीब 9500 पन्नों का 6वां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया। इसमें 12 आरोपियों की भूमिका बताई गई है। EOW के मुताबिक, कोयला परिवहन से हर टन पर 25 रुपए की अवैध वसूली की जाती थी।

जांच में यह भी पता चला है कि वसूली की रकम किसे दी गई, इसका इस्तेमाल राजनीतिक और निजी कामों में कैसे हुआ और जमीन, फ्लैट, वाशरी में पैसा लगाया गया। EOW के अनुसार, यह पूरा सिस्टम तैयार करने में करीब 5 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था। जांच में सामने आया है कि पप्पू बंसल ने रकम दी।

निखिल चंद्राकर और नवनीत ने रकम लेकर सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई। सिंडिकेट के लोग आपस में बात करने और पैसों से जुड़े निर्देश देने के लिए 7 अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुप चलाते थे। जांच में जब्त मोबाइल, वॉट्सऐप चैट, डायरियों और बैंक लेन-देन से मिली जानकारी को चालान में शामिल किया गया है।

15 जुलाई के आदेश के बाद शुरू हुआ वसूली का सिस्टम

EOW की जांच के अनुसार, 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी करने से पहले जिला खनिज अधिकारी की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से 25 रुपए प्रति टन की कथित अवैध वसूली के लिए किया गया।

जांच के मुताबिक, अलग-अलग जिलों से रकम रायपुर पहुंचाई जाती थी। यहां रकम का हिसाब रखने के बाद आगे इसका वितरण किया जाता था।

जिलों में बैठकें, ‘सीएम हाउस’ के नाम से बुकिंग

EOW ने दावा किया है कि अनुराग दीवान के जब्त मोबाइल से 15 जुलाई 2020 के आदेश से जुड़े डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगी अलग-अलग जिलों में जाकर बैठकें करते थे।

उनके ठहरने के लिए विश्राम गृहों में ‘सीएम हाउस’ के नाम से बुकिंग कराए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। बालको और अंबुजा से जुड़े पत्राचार को भी चालान में शामिल किया गया है। EOW के अनुसार, एक पत्राचार में परिवहन बिलों में 25 रुपए प्रति टन की राशि जोड़ने का उल्लेख है।

कोयले के साथ पैलेट से भी 100 रुपए प्रति टन वसूली

जांच में कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन पर भी 100 रुपए प्रति टन कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। EOW के अनुसार, इसकी जांच में तत्कालीन संचालक, भौमिकी और खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका सामने आई।

एजेंसी का दावा है कि पैलेट उद्योगपतियों की बैठक लेकर उन्हें सूर्यकांत तिवारी या उसके लोगों को 100 रुपए प्रति टन देने के निर्देश दिए गए थे। जब्त डायरियों में भी इस वसूली से जुड़ी एंट्री मिलने की बात EOW ने कही है।

डायरी में करोड़ों की एंट्री, राजनीतिक काम में खर्च का दावा

चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा की भूमिका का जिक्र किया गया है।

EOW के अनुसार, राम गोपाल अग्रवाल से जुड़ी जब्त डायरियों में ‘भवन’ और ‘C PARTY’ नाम से 32 एंट्री मिली हैं। इनमें करीब 104.20 करोड़ रुपए दर्ज हैं। एजेंसी का दावा है कि इस रकम को पार्टी से जुड़े कामों में पहुंचाए जाने के तथ्य मिले हैं।

जमीन, फ्लैट और वाशरी में निवेश की जांच

EOW के मुताबिक, कोल लेवी से कथित तौर पर मिली रकम को जमीन, फ्लैट, वाशरी और दूसरी संपत्तियों में निवेश किए जाने के सबूत मिले हैं। पियूष कुमार साहू की भूमिका परिवार से जुड़ी संपत्तियों में रकम निवेश कराने के मामले में बताई गई है।

अनुराग चौरसिया के मामले में फ्लैट और जमीन खरीद से जुड़े लेन-देन की जांच की गई है। वहीं, जोगेन्दर सिंह से जुड़ी सात फर्मों में करीब 40 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन का विवरण भी चालान में शामिल किया गया है।

EOW ने सुनील कुमार अग्रवाल के मामले में नकदी रखने, आगे भुगतान करने और वाशरी की खरीद में निवेश से जुड़े तथ्य सामने आने का दावा किया है। दीपेश टांक के मामले में जमीन सौदे में रजिस्ट्री मूल्य से अधिक नकदी लेने और उसे कृषि आय के रूप में दिखाने की बात कही गई है।

पहले ही पेश हो चुके हैं 6 चालान

EOW ने बताया कि इस मामले में इससे पहले एक मुख्य और पांच पूरक चालान पेश किए जा चुके हैं। अब करीब 9500 पन्नों के छठे पूरक चालान में अतिरिक्त दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए हैं।

बाकी संभावित संदिग्धों और बाकी लेन-देन की जांच दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत जारी है।

MLA देवेंद्र यादव और सूर्यकांत के बीच हुई बातचीत

ED के मुताबिक, कोल लेवी स्कैम में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सीधे सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में थे। दोनों के बीच वॉट्सऐप पर बातचीत होती थी। चार्जशीट में शामिल चैट में खैरागढ़ चुनाव, रायपुर आने, मिलने का समय और इंतजार करने से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।

चार्जशीट के अनुसार, एक चैट में देवेंद्र यादव सूर्यकांत से कहते हैं- "भैया, मैं शंकर नगर पहुंच गया हूं। कहां पर आना है।" इसके जवाब में सूर्यकांत कहते हैं- “रेडी होकर आता हूं भाई। 10 बजे अनुपम नगर पहुंचता हूं।” इसके बाद देवेंद्र यादव "ओके भैया" लिखते हैं।

सूर्यकांत जवाब देते हैं कि "आपको रोशन कॉल कर रहा है।" इसके बाद देवेंद्र यादव फिर "ओके भैया" लिखते हैं। इसके बाद अनुपम नगर पहुंचकर देवेंद्र यादव मैसेज करते हैं- "भैया, मैं पहुंच गया हूं। कितना समय लगेगा।" कुछ देर बाद सूर्यकांत तिवारी का जवाब आता है- "DONE"।

देवेंद्र यादव फिर पूछते हैं- “भैया, कितना समय लगेगा आपको पहुंचने में। मुझे खैरागढ़ पहुंचना है। आपको और कितना समय लगेगा।” ED ने चार्जशीट में इस बातचीत के वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं। ये स्क्रीनशॉट दैनिक भास्कर डिजिटल के पास मौजूद हैं।

अब पढ़िए चंद्रदेव राय और सूर्यकांत के बीच क्या बातचीत हुई

ED की जांच के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय ने सूर्यकांत तिवारी से 46 लाख रुपए लिए थे। आरोप है कि इसमें से 42 लाख रुपए UP चुनाव में इस्तेमाल किए गए, जबकि 4 लाख रुपए से पत्नी के लिए सोने का हार खरीदा गया।

ED के अनुसार, वॉट्सऐप चैट में चंद्रदेव राय सूर्यकांत तिवारी से पूछते हैं- "भैया जी, किस ज्वेलरी शॉप में जाऊं?" इसके जवाब में सूर्यकांत की ओर से एक ज्वेलरी शॉप का नाम भेजा जाता है। इसके बाद चंद्रदेव राय उस ज्वेलरी शॉप पर पहुंचते हैं।

चैट के मुताबिक, चंद्रदेव राय सूर्यकांत से कहते हैं- "भैया जी, आपकी बहू ने 60 ग्राम का सोने का हार पसंद किया है।" इसके बाद वह हार की फोटो भेजकर पूछते हैं- "भैया जी, आपकी बहू ने ये पसंद किया है, कौन सा खरीद लूं? 60 ग्राम का है, जो 4 लाख 30 हजार में मिल रहा है।"

इसके जवाब में सूर्यकांत तिवारी कहते हैं- "जो बहू को पसंद है, खरीद लो।" इसके बाद आरोप है कि चंद्रदेव राय के ड्राइवर ने एक होटल से पैसे लेकर ज्वेलरी शॉप पर दिए।

कांग्रेस नेता विनोद तिवारी और सूर्यकांत के बीच बातचीत

ED की जांच के मुताबिक, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने कोल लेवी सिंडिकेट से 19 किश्तों में 1 करोड़ 87 लाख रुपए लिए। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ चुनाव और प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया। ED ने विनोद तिवारी और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई बातचीत को भी सबूत के तौर पर न्यायालय में पेश किया है।

आरपी सिंह ने ED को क्या बताया?

कांग्रेस नेता आरपी सिंह पर कोयला लेवी मामले में 2 करोड़ 1 लाख 40 हजार रुपए लेने का आरोप है। पूछताछ के दौरान आरपी सिंह ने यह रकम लेने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि इस पैसे का इस्तेमाल पार्टी के लिए गाड़ियों और मीडिया का प्रबंध करने में किया गया।

अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का कोयला लेवी घोटाला

ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।

छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR

ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। जिस पर अब ACB-EOW की टीम जांच कर रही है। IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।

3 IPS सूर्यकांत-सौम्या के संपर्क में थे

ED की चार्जशीट के अनुसार, तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी IPS पारूल माथुर, IPS प्रशांत अग्रवाल और IPS भोजराम पटेल के संपर्क में थे।

इन अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने विभाग की ऑफिशियल जानकारी सूर्यकांत तिवारी को दी। वहीं IPS पारूल माथुर पर आरोप है कि वे कारोबारी तिवारी के कहने पर कोयला लेकर जा रहे वाहनों पर एक्शन लेती थी। वहीं कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ED अफसरों की जासूसी करने का आरोप है।

छत्तीसगढ़ के 500 करोड़ से ज्यादा के कथित कोल लेवी घोटाले में EOW ने आज (5 अक्टूबर) को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 6वां पूरक चालान पेश किया। 9500 पन्नों का चालान 12 आरोपियों के नाम से पेश किया गया है। चालान पेन ड्राइव के जरिए पेश किया गया। 


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