प्रस्तावित विधेयक में क्या है?
प्रस्तावित विधेयक के तहत, ट्रांसनेशनल रिप्रेशन के दोषी पाए जाने वाले लोगों को अन्य अपराधों के लिए मिलने वाली सजा के अलावा 10 साल तक की अतिरिक्त जेल और $100,000 तक का जुर्माना हो सकता है। यह बिल ऐसे मामलों की पैरवी में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के नेशनल सिक्योरिटी डिवीन और नेशनल सिक्योरिटी के लिए असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल की भूमिका को भी मजबूत करेगा। इस विधेयक में में पहली बार दमन को एक खास संघीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है
भारत-अमेरिका संबंध होंगे खराब
यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां विदेशी सरकारों पर अपनी सीमाओं के बाहर आलोचकों की आवाज दबाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। अमेरिका ने ऐसा ही आरोप भारत पर भी लगाया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत के एक एजेंट ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतपंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची थी, लेकिन उसे समय रहते ही नाकाम कर दिया गया था। हालांकि, भारत ने ऐसे आरोपों को खारिज कर एक जांच शुरू की थी।



