भारत से लिए 3000 करोड़ और फ‍िर मालदीव ने चीन के 'जासूसी जहाज' को दिया ठिकाना, मुइज्जू ने द‍िया धोखा

Updated on 25-04-2026 01:28 PM
माले: चीन के जासूसी जहाज ने ऐसा लगता है कि एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम पूरा कल लिया है। उसरे रिसर्च जहाज 'शी यान 6' ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपना एक नया सर्वेक्षण पूरा किया है। ये रिसर्च जहाज पिछले महीने हिंद महासागर में मालदीव के तट के पास पहुंचा था। इस रिसर्च जहाज को 'नाइंटी ईस्ट रिज' के आसपास और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय देखा गया था। मालदीव लगातार चीनी जहाजों की मेजबानी कर रहा है जबकि ये भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। हिंद महासागर की मैपिंग का मतलब है कि चीन लगातार इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को बढ़ा रहा है।

आपको बता दें कि चीन अपने 'Shi Yan 6' जहाज को को एक वैज्ञानिक अनुसंधान पोत बताता है लेकिन असल में यह चीनी नौसेना का एक 'डुअल-यूज' जहाज है। यह हिंद महासागर की गहराई, समुद्री तल की बनावट और पानी के बहाव का डेटा जुटाता है। यह डेटा चीन को अपनी पनडुब्बियों को भारतीय सीमा के पास चुपचाप तैनात करने में मदद करता है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन का जासूसी जहाज शी यान 6 सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते हिंद महासागर क्षेत्र में दाखिल हुआ था।

मालदीव पहुंचा चीन का 'रिसर्च जहाज'

रिपोर्ट के मुताबिक हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी गतिविधियों के बाद इस रिसर्च जहाज ने 24 अप्रैल को मालदीव की राजधानी माले में स्थित बंदरगाह पर लंगर डाला। भारत की आपत्तियों के बावजूद मालदीव हमेशा से भारत विरोधी गतिविधियों को पनाह देता रहा है। सबसे खास बात ये है कि मालदीव ने उस वक्त चीनी जासूसी जहाज को अपने बंदरगाह पर आने की इजाजत दी है जब भारत ने उसे 30000 करोड़ रुपये की मुद्रा सहायता दी है। अप्रैल 2026 में ही भारत ने ऋण भुगतान में सहायता के लिए 3000 करोड़ रुपये की मुद्रा अदला-बदली के रूप में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है।
असल में मालदीव लगातार आर्थिक संकट से जूझता रहा है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार कम हो रहा है और वह कर्ज न चुका पाने की स्थिति में है। इसी महीने यानी अप्रैल 2026 में भारत ने 360 मिलियन डॉलर का 'करेंसी स्वैप' सपोर्ट दिया है ताकि वह अपना कर्ज चुका सके और उसकी अर्थव्यवस्था डूबने से बच जाए। यह जहाज सूंडा जलडमरूमध्य से होते हुए हिंद महासागर में घुसा और 'Ninety East Ridge' जैसे संवेदनशील इलाकों में सर्वे किया। मालदीव में इस जहाज को लंगर डालने की इजाजत मिलना बताता है कि चीन वहां अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है जो भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा सिरदर्द है।

भारतीय युद्धपोत भी पहुंचा मालदीव

इस बीच माले स्थिति भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि भारतीय नौसेना का जहाज INS कल्पेनी गण भी मालदीव पहुंचा है और इसने अड्डू एटोल पर लंगर डाला है। भारतीय दूतावास ने बताया है "यह यात्रा हमारे गहरे मैत्रीपूर्ण संबंधों और बहुआयामी रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है।" हो सकता है कि मालदीव सरकार बैलेंस बनाने के लिए ऐसा कर रही हो लेकिन हिंद महासागर में चीन के जासूसी जहाजों का बार बार पहुंचना और मालदीव में लंगर डालना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.