'असफलता में कुछ भी गलत नहीं', पिता के उन शब्‍दों ने बदली किस्‍मत, अब ऐसे कर रहे हर साल 2 करोड़ की कमाई

Updated on 10-10-2026 12:33 PM
नई दिल्‍ली: मुकेश मांजू राजस्‍थान के झुंझुनू जिले से हैं। वह एनएसजी कमांडो रहे हैं। सेना की नौकरी के बाद पिलानी में उन्‍होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग की अनूठी मिसाल पेश की है। आज लगभग 75 एकड़ में फैला उनका 'मांजू फार्म्स' खजूर, जैतून, किन्‍नू और औषधीय फसलों के साथ एग्रो-टूरिज्म के जरिए हर साल 2 करोड़ रुपये की कमाई कर रहा है। आइए, यहां मुकेश मांजू की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।

पिलानी के रहने वाले मुकेश मांजू का परिवार पारंपरिक कृषि से जुड़ा हुआ था। उन्होंने 2001 में बिरला स्कूल से 12वीं की। राजस्थान विश्वविद्यालय में बीए में दाखिला लिया। लेकिन, दूसरे साल में ही दिसंबर 2002 में भारतीय सेना ज्वाइन कर ली। सिग्‍नल ब्रांच में सेवा देने के बाद वह 2008 में कमांडो के रूप में एनएसजी में शामिल हो गए। सेना में अपने कार्यकाल के दौरान मिडिल ईस्‍ट के देशों की यात्राओं और विशेष बलों के साथ प्रशिक्षण ने उन्हें कृषि और खासकर विदेशी फसलों (जैसे खजूर और जैतून) के प्रति प्रेरित किया।

दिसंबर 2017 में पिता को कैंसर होने के बाद मुकेश ने VRS के लिए अप्‍लाई किया। जुलाई 2018 में उनके पिता के निधन से पहले इसे मंजूर कर लिया गया। जीवित रहते हुए मुकेश के पिता उनसे कहा करते थे, 'अगर तुम कुछ नया आजमाना चाहते हो तो तुम्हारा स्वागत है। कुछ शुरू करो। असफलता में कुछ भी गलत नहीं है।' पिता के उन शब्‍दों को वह कभी नहीं भूले। मुकेश ने 2012 से ही वीआरएस की योजना बनानी शुरू कर दी थी। सर्विस में रहते हुए ही अपने पैसों से उन्‍होंने धीरे-धीरे फार्म विकसित करना शुरू कर दिया था। साल 2012 में उन्होंने 400 किन्‍नू और मौसंबी, 2013 में 450 जैतून और 2014 में 150 खजूर के पौधे लगाए। इससे उनके इस सफल कृषि फार्म की मजबूत नींव पड़ी।

2018 में पिलानी लौटने के बाद मुकेश ने अपनी 25 एकड़ जमीन को बढ़ाकर लगभग 75 एकड़ कर लिया। पूरी तरह से ऑर्गेनिक फार्मिंग अपनाने का फैसला किया। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए उन्होंने गिर और साहीवाल नस्ल की लगभग 25 गायें पालीं। इनके गोबर और गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत और वर्मीकंपोस्ट तैयार किया जाता है। इसके अलावा रेन वॉटर हारवेस्टिंग के लिए लगभग 3 लाख लीटर क्षमता का फार्म पॉन्ड भी बनवाया। आज उनके फार्म में खजूर, जैतून, किन्‍नू, मीठा नींबू, संतरा, बेर, चंदन, अमरूद और अनार जैसे 50 से अधिक किस्मों के करीब 5,000 पौधे लहलहा रहे हैं।

मुकेश अपने उत्पादों को पारंपरिक बाजारों में बेचने के बजाय सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। उनका देशभर में करीब 225 मेंबर्स का नेटवर्क है। वह शुद्ध घी, फलों और अन्य उत्पादों की सीधी बिक्री करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2021 में 'एग्रो-टूरिज्म' की शुरुआत की। फार्म पर बने एसी कॉटेज में पर्यटक ग्रामीण जीवन, घुड़सवारी, ऊंट की सवारी और ताजे फल तोड़ने का आनंद लेते हैं। गायों के दूध से बनने वाले घी और फार्म की दूसरी गतिविधियों के दम पर 'मांजू फार्म्स' का सालाना टर्नओवर आज लगभग 2 करोड़ रुपये है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 October 2026
नई दिल्ली: स्टारलिंक विवाद बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क ने एक बार फिर मुकेश अंबानी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर अपने…
 10 October 2026
नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स से जुड़े कानून के तहत अपराध का दोषी साबित होने पर भी जरूरी नहीं है कि जेल की ही सजा हो। GST काउंसिल की…
 10 October 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में आज सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के कारण सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। दिल्ली आने-जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। इसकी वजह से इस…
 10 October 2026
नई दिल्ली: भारतीय रुपये की कीमत में हाल में डॉलर के मुकाबले काफी गिरावट आई और यह शतक पूरा करने के करीब पहुंच गया। रुपये में गिरावट के कई कारण…
 10 October 2026
नई दिल्ली: आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति हर्ष गोयनका ने बिस्कुट के मशहूर ब्रांड पारले-जी के बहाने नेताओं पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि पारले-जी के…
 08 October 2026
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क ने देश के बड़े उद्योगपतियों पर भारत में स्टारलिंक को रोकने का आरोप लगाया है। मस्क ने X पर पोस्ट कर लिखा,'भारत के…
 08 October 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी से जुड़े एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लोन मामले में संबंधित कंपनियों ने 100 प्रतिशत बकाया मूलधन के साथ 10 प्रतिशत…
 08 October 2026
नई दिल्‍ली: जयपुर की मोनिका भाटी ने हौसले की मिसाल पेश की है। एक भयानक सड़क दुर्घटना और ब्रेन हेमरेज के बाद उन्‍होंने मौत को मात दी। इलाज के लिए…
 08 October 2026
नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन में चीनी की रिटेल कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा…
Advt.