
राजनांदगांव। मौसम में आये बदलाव के कारण गत दिनों मानपुर, मोहला, छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़ एवं राजनांदगांव में आये आंधी-तूफान के कारण विद्युत वितरण तंत्र को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। तूफान की प्रचंडता के कारण अनेक स्थानों पर दर्जनों पेड़ विद्युत लाइनों के उपर गिर गए थे एवं सैकड़ों डंगाले विद्युत लाइन के तारों में फंस गई थी, जिसके कारण बिजली के खंभे सहित वितरण तंत्र में ब्रेक-डाउन का गहरा असर हुआ था। इस व्यवधान को दूर करने के लिए विद्युत कर्मियों ने कड़ी मेहनत एवं अथक प्रयासों से यथासंभव जल्दी से जल्दी विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी। जिसके कारण रात का अंधेरा गहराने के पहले ही बिजली की रोशनी लौट आई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों को सुशासन के लिए प्रेरित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए है कि जनहित से जुड़े विषयों और सेवाओं पर पूरी तत्परता से ध्यान देना है। इसके अनुपालन में विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष पी. दयानंद तथा एम.डी. पारेषण एवं वितरण राजेश कुमार शुक्ला ने मैदानी अमले को विशेष हिदायतें दी है। बीते दिनों में मानपुर, मोहला, छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़ एवं राजनांदगांव में जब आंधी-तूफान से क्षेत्र के सभी फीडर ट्रिप हो गए तो विद्युत कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। हवा के तेज वेग का प्रभाव इतना प्रचंड़ था सिर्फ राजनांदगांव के ग्रामीण एवं शहरीय क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के कारण ट्रांसफार्मर, डी.पी., 11 के.व्ही. लाइनों एवं एलटी लाइनों के 41 से अधिक खंभे पूरी तरह से टूट गए, दो से तीन स्थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर भी विफल हुए एवं अनेक स्थानों में बिजली लाइन के तार भी बुरी तरह से टूट गए। विद्युत वितरण तंत्रों में हुई टूट फूट के कारण अनेक स्थानों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जनसामान्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैद विद्युत कर्मियों द्वारा जंपर काटकर आइसोलेट किया गया एवं यथासंभव सुरक्षित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति चंद घंटों में ही बहाल कर दी गई। प्रभावित क्षेत्रों में भारी पेड़ों की डंगाले काटकर विद्युत तारों को निकाला गया एवं आवश्यकतानुसार नये खंभे गड़ाकर 11 के.व्ही. लाइनों एवं एलटी लाइनों को जल्द ही दुरुस्त किया गया।