रूस और जापान में 5 साल बाद तनातनी, 2019 के बाद पहली बार विवादित क्षेत्र में पहुंचे पुतिन के जेट, टोक्‍यो अलर्ट

Updated on 13-09-2024 06:26 PM
टोक्यो: जापान और रूस के बीच आसमान में तनातनी देखने को मिली है। ये तब हुआ जब रूसी जेट ने जापान के हवाई क्षेत्र के पास उड़ान भरी, इसके बाद टोक्यो ने भी अपने लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया। जापान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया है कि गुरुवार सुबह से दोपहर तक रूसी टीयू-142 विमान ने उनके देश और दक्षिण कोरिया के बीच समुद्र से दक्षिणी ओकिनावा क्षेत्र में उड़ान भरी। रूसी जेट अपनी उड़ान के बाद होक्काइडो के उत्तरी द्वीप की तरफ चले गए। ये बीते पांच साल में पहली बार है, जब रूसी जेट द्वीपसमूह के आसपास उड़ान भरते देखे गए। ऐसे में जापान भी इससे तुरंत ही हरकत में आ गया।

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि रूसी विमानों ने जापानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया। इन विमानों ने जापान और रूस के बीच विवाद वाले क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी। जवाब में हमने इमरजेंसी बेसिस पर एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के लड़ाकू जेट तैनात कर दिए। अधिकारी ने कहा कि आखिरी बार रूसी सैन्य विमानों ने 2019 में जापान का चक्कर लगाया था लेकिन उस घटना में बमवर्षक शामिल थे जो देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ।

रूस और चीन कर रहे हैं युद्धाभ्यास


रूस और चीन इस समय युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में रूसी और चीनी युद्धपोतों ने जापान सागर में संयुक्त अभ्यास शुरू किया है। यह अभ्यास एक प्रमुख नौसैनिक अभ्यास का हिस्सा है जिसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीन दशकों में अपनी तरह का सबसे बड़ा अभ्यास बताया है। रूस और चीन ने हाल के वर्षों में सैन्य सहयोग बढ़ाया है। दोनों ही देश वैश्विक मामलों में अमेरिका के प्रभुत्व के खिलाफ हैं, जो दोनों देशों को करीब लाता है।

जापानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बीते महीने अगस्त के अंत में जापान ने भी लड़ाकू विमानों को तैनात किया था, जब एक चीनी सैन्य विमान ने उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। उस समय Y-9 सर्विलांस एयरक्राफ्ट ने जापानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था। हालांकि ये सिर्फ दो मिनट के लिए था लेकिन ये पहली बार था जब कोई चीनी सैन्य विमान जापानी हवाई क्षेत्र में घुसा था।

यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद जापान और रूस के संबंध और ज्यादा खराब हुए हैं। दरअसल दोनों देशों के बीच विवाद काफी पुराना है, दोनों ही देश कुरील द्वीपों पर दावा करते हैं। रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में होक्काइडो के उत्तर में रणनीतिक रूप से स्थित ज्वालामुखीय द्वीपसमूह पर कब्जा किया था और तब से वहां अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखी है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए सुनिश्चित करने के लिए मिशन स्टार्ट कर दिया है। कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के तट…
 18 March 2026
तेहरान: ईरान के सबसे ताकतवर शख्स अली लारीजानी की इजरायल के हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंगलवार को इसकी पुष्टि कर दी…
 18 March 2026
तेल अवीव: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक और वीडियो पोस्ट कर बताया है कि वह जिंदा हैं। नेतन्याहू का नया वीडियो ऐसे समय में आया है, जब इंटरनेट पर उनकी…
 18 March 2026
इस्लामाबाद: रूस ने पाकिस्तान को कच्चे तेल की खरीद का ऑफर दिया है। पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने बताया है कि हम पाकिस्तान को रियायती दर पर…
 18 March 2026
तेहरान: अमेरिका-इजरायल गठबंधन से चल रहे युद्ध में ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लाराजीनी की मौत हो गई है। अली लारीजानी इस संघर्ष की शुरुआत से ही ईरान…
 18 March 2026
तेहरान: ईरान ने कहा है कि उसका होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद करने का इरादा नहीं है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने…
 18 March 2026
रियाद: सऊदी अरब अगर ईरान के खिलाफ लड़ाई में उतरा तो पाकिस्तान को मदद के लिए बुलाएगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान के न्यूक्लियर अंब्रेला का भी सऊदी अरब इस्तेमाल करेगा।…
 17 March 2026
काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार देर रात किए गए पाकिस्तान के हवाई हमले में मरने वालों की संख्या 400 हो गई है। अफगानिस्तान सरकार के उप-सरकारी प्रवक्ता हमदुल्ला…
 17 March 2026
तेहरान: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के निकलने पर नरमी बरतने के संकेत दिए हैं। ईरानी विदेश मंत्री के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि उनका इरादा…
Advt.