क्यों गिरा मुनाफा?
बयान के अनुसार जेएलआर पर साइबर हमले, शुल्क, चीन लक्जरी कर, विपणन खर्च के दबाव और कच्चे माल की ऊंची कीमतों जैसे कई प्रतिकूल कारकों का समूचे वित्त वर्ष में कारोबार की लाभप्रदता पर असर पड़ा। कंपनी ने कहा, ‘जेएलआर की उत्पादन इकाइयों में रुकावट आने से मुक्त नकदी प्रवाह पर प्रतिकूल असर पड़ा जिससे एकीकृत शुद्ध कर्ज बढ़कर 30,700 करोड़ रुपये हो गया।’टीएमपीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी धीमन गुप्ता ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में सभी एकीकृत वित्तीय मानकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ क्योंकि साइबर घटना के बाद जेएलआर का परिचालन सामान्य हुआ और घरेलू कारोबार ने सकारात्मक रुख बनाए रखा। भविष्य में हम नए उत्पादों की पेशकश और लागत नियंत्रण संबंधी उपायों के जरिए अपनी कारोबारी मजबूती को और बढ़ाने पर ध्यान देंगे। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और जिंस कीमतों पर अब भी नजर रखने की जरूरत है।’



