MP के 1500 संकुल प्राचार्यों पर सस्पेंशन की तलवार:वेतन कटौती के बाद भी शिक्षकों का वेतन निकाला

Updated on 02-07-2026 12:03 PM
भोपाल, मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्ती और बढ़ा दी है। अब 90% से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान कराने वाले संकुल प्राचार्यों पर निलंबन की कार्रवाई होगी।

लोक शिक्षण आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्राचार्यों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और संभागीय संयुक्त संचालक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में करीब 1500 संकुल प्राचार्य हैं। एक संकुल के अंतर्गत औसतन 40 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल आते हैं। ऐसे में नए आदेश का असर पूरे स्कूल शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा।

95% शिक्षक लगा रहे ई-अटेंडेंस

लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार प्रदेश में फिलहाल करीब 95% शिक्षक ही नियमित ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। यानी अभी भी कुछ शिक्षक निर्धारित मानकों के अनुरूप ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू करना शासन के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा।

सस्पेंशन की कार्रवाई के निर्देश किए जारी

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस कम होने के कारण वेतन कटौती की गई है, उन्हें उपस्थिति के आधार पर ही वेतन मिलना है। इसके बावजूद कई संकुल प्राचार्यों ने वेतन कटौती के आदेश का पालन नहीं किया और वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी वजह से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि शैडो एरिया (जहां नेटवर्क की समस्या है) के मामलों में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को राहत देने का अधिकार है। यानी नेटवर्क संबंधी वास्तविक समस्याओं वाले मामलों में जिला स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।

पहले वेतन कटौती, अब सस्पेंशन विभाग ने पहले ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन कटौती के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शत-प्रतिशत अनुपालन नहीं होने पर अब कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। आदेश के मुताबिक, जिन संकुल प्राचार्यों ने कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की है, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी।

अफसर भी होंगे जवाबदेह

लोक शिक्षण आयुक्त ने आदेश में कहा है कि यदि संबंधित संकुल प्राचार्यों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित DEO और संयुक्त संचालक के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

शिक्षक संगठन लगातार कर रहे विरोध

शिक्षक संगठन लगातार ई-अटेंडेंस की 90% शर्त का विरोध कर रहे हैं। पिछले महीने कई संगठनों ने स्कूल शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस शर्त में राहत देने की मांग की थी। हालांकि विभाग ने कोई छूट नहीं दी।



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