भोपाल आदमपुर कचरा खंती को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:3 दिन पहले भी लग चुकी है आग; निगम अफसर रखेंगे अपना पक्ष

Updated on 05-05-2026 12:43 PM
भोपाल, भोपाल की आदमपुर कचरा खंती में आग लगने के केस में सुप्रीम कोर्ट में आज (मंगलवार को) सुनवाई होगी। इस मामले में नगर निगम के जिम्मेदार अपना पक्ष रखेंगे। इससे पहले फरवरी में हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लागू हो। इस पर भी आज की सुनवाई में निर्देश दिए जाएंगे।

यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से जुड़ा है। पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडे ने आदमपुर खंती में आग लगने की घटनाओं को लेकर एनजीटी में मार्च 2023 में याचिका दाखिल की थी। इस पर 31 जुलाई-23 को नगर निगम पर 1 करोड़ 80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।

एनजीटी के इस आदेश के खिलाफ निगम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर 16 मई-25 को सुनवाई हुई थी। इसमें निगम की ओर से जुर्माने की राशि माफ किए जाने की मांग रखी गई थी। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मामले में एमपी के मुख्य सचिव समेत 6 वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रतिवादी बनाया जा चुका है। 19 फरवरी को फिर से सुनवाई हुई थी।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा था

पर्यावरणविद् डॉ. पांडे ने बताया, सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि 1 अप्रैल से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 लागू हो जाएंगे। नए नियम देश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समस्या की पहचान करने और उसे हल करने के तरीके में पूरी तरह से शामिल हैं।

इस नियम के मकसद को पूरा करने के लिए ऐसे निर्देश जारी करना सही समझते हैं, जो न सिर्फ भोपाल नगर निगम पर बल्कि पूरे देश पर लागू हों। इसका कारण यह है कि लोकल बॉडीज द्वारा SWM रूल्स, 2016 के हिसाब से पालन की स्थिति कुछ हद तक या तो पालन कर रही हैं या नहीं। नियम के तहत आने वाली चुनौतियों को उस तरह से हल नहीं किया जा सकता, जैसे उन्हें पुरानी व्यवस्था में उन अधिकारियों द्वारा हल किया जाता था। जिन्हें संसद का अधिकार क्षेत्र है।

सलाना रिपोर्ट में स्थिति ठीक नहीं

कोर्ट ने कहा था कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की वेस्ट मैनेजमेंट पर सालाना रिपोर्ट 2021-2022 बताती है कि देश में घरेलू, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और सहायक कामों से हर दिन करीब 1.70 लाख टन म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (TPD) पैदा होता है। हम देखते हैं कि भले ही भोपाल और इंदौर जैसे कई शहरों में कलेक्शन एफिशिएंसी में सुधार हुआ है, लेकिन प्रोसेसिंग की दर अभी भी एक बड़ी रुकावट बनी हुई है। जो कचरा बिना प्रोसेस किया जाता है, वह अक्सर बिना साइंटिफिक लैंडफिल या पुराने डंपसाइट में चला जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आज की पीढ़ी मौजूदा लागू करने की कमियों के बने रहने तक और ज्यादा कानूनी सुधारों का इंतजार नहीं कर सकती। पुराने कचरे के जमा होने, ग्राउंडवाटर और हवा के कंटैमिनेशन के लिए 1 अप्रैल से लागू मौजूदा आदेशों का तुरंत पालन करने की जरूरत है।

इतनी बड़ी चुनौती के लिए लोकल बॉडीज के नियुक्त अधिकारियों और चुने हुए प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके बीच मिलकर काम करने की जरूरत है। जिम्मेदार प्रतिनिधि, समय की जरूरतों के हिसाब से जवाब देने वाले प्रतिनिधि भी होते हैं। नियम आसान हैं और इन्हें लोकल बॉडीज के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ कॉरपोरेटर, काउंसलर/मेयर और उनके चेयरपर्सन और वार्ड सदस्यों को थोड़ी भागीदारी से सीखने और लागू करने की जरूरत है।

भोपाल के केस के बारे में ये कहा

पिछली सुनवाई के आखिरी में भोपाल निगम से जुड़े केस को लेकर कहा था कि आदमपुर छावनी डंप साइट के मामले में पुराने कचरे के लिए कुछ और पेपरवर्क पूरा करने की जरूरत है। टेंडर को फाइनल करने में कुछ और समय लगेगा। इसलिए वह इस मामले में टेंडर को फाइनल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगती हैं। उन्हें यह समय दिया जाता है।

भोपाल में रोज निकलता है साढ़े 8 सौ टन कचरा

जानकारी के अनुसार, भोपाल से हर रोज 850 टन कचरा निकलता है। प्रोसेसिंग के लिए 800 टन खंती पहुंचता है। इसमें से 290 टन कचरा मिट्‌टी होती है। बाकी बचा 510 टन मिक्स कचरा होता है। निगम के पास जो यूनिट है, वह 420 टन की ही क्षमता है।

तीन दिन पहले भी लग चुकी हैं आग

तीन दिन पहले भी आदमपुर खंती में आग लग चुकी है। खास बात यह है कि खंती में डंप लिगेसी वेस्ट के निपटारे का काम शुरू करने के लिए एक दिन पहले ही पूजा की गई थी। इसके बाद कचरे में आग लग गई। आग लिगेसी वेस्ट के साथ नए ड्राय वेस्ट में भी लगी थी। इस नए ड्राय वेस्ट का उपयोग एनटीपीसी के प्लांट में टोरिफाइड चारकोल बनाने में होना था। आग के कारण एक बार फिर इलाके में धुआं फैल गया और ग्रामीण दिन भर परेशान होते रहे।

साइट पर 6.5 से 7.5 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट जमा

खंती में डंप लिगेसी वेस्ट के निपटारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद निगम ने 26 मार्च को सौराष्ट्र एन्वायरो प्राइवेट लिमिटेड को वर्क ऑर्डर जारी किया। साइट पर 6.5 से 7.5 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट जमा है। कंपनी को इसके लिए 55 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 May 2026
भोपाल, राजधानी में साइबर ठगी का खतरनाक ट्रेंड सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर एक 75 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। 24…
 05 May 2026
भोपाल, मोहन यादव सरकार प्रदेश के दस लाख दिव्यांगजनों के लिए पहली बार नीति बनाएगी। इस नीति के लागू होने के बाद सारे विभाग दिव्यांगजनों को लेकर एक प्लेटफार्म पर काम…
 05 May 2026
भोपाल। बड़े तालाब के बोट क्लब पर चल रहीं नावों को लेकर पर्यटकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बरगी डैम में क्रूज डूबने की घटना के चार…
 05 May 2026
भोपाल। प्रदेश में भले ही अभी खाद की कमी नहीं है, मगर वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार सतर्कता बरत रही है। प्रदेश में किसानों को पात्रता के अनुसार दो बार…
 05 May 2026
भोपाल। प्रदेश के मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम का असर जारी है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में कहीं-कहीं आंधी के साथ बारिश हुई। सागर, श्योपुर और दमोह…
 05 May 2026
भोपाल/रायपुर। बंगाल सहित तीन राज्यों में जीत पर भारतीय जनता पार्टी ने विजयोत्सव मनाया। प्रदेश भाजपा कार्यालय से लेकर जिलों में जश्न का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ आतिशबाजी…
 05 May 2026
भोपाल। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम और शवों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने वाली है। पिछले कई दशकों से बदहाली का दंश झेल रही मर्चुरी (शवगृह) को अब…
 05 May 2026
भोपाल। बंगाल में भाजपा की जीत से प्रदेश में पार्टी उत्साहित है तो दूसरी ओर मप्र से भाजपा के राज्य सभा सदस्य एल मुरुगन और जार्ज कुरियन विधानसभा चुनाव हार गए…
 05 May 2026
 भोपाल। जनगणना और राजस्व कार्य में लापरवाही बरतने वाले एक विनियमित स्थाईकर्मी को नगर निगम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में कर्मचारी से 24 घंटे में जवाब…
Advt.