सिंहस्थ-2028 होगा हाईटेक: Google के साथ AI सिस्टम तैयार करेगा मप्र, ट्रैफिक से इमरजेंसी तक सब होगा स्मार्ट

Updated on 21-05-2026 11:35 AM
भोपाल। मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 को तकनीक आधारित और स्मार्ट आयोजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गूगल क्लाउड इंडिया की मदद से सिंहस्थ में एआइ आधारित ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपात सेवा प्रणाली संचालित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राउंड टेबल बैठक कर प्रदेश में एआइ आधारित सुशासन, प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा की।

एप से सुरक्षा और सुविधाएं होंगी बेहतर

बैठक में “सहायक” नामक बहुभाषीय और वाइस-सक्षम एआइ एप्लिकेशन की अवधारणा प्रस्तुत की गई। यह एप सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट, भीड़ की स्थिति, मार्गदर्शन और आपात सेवाओं की जानकारी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा बेहतर होगी।

“समृद्ध मध्य प्रदेश” की अवधारणा

बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया ने “समृद्ध मध्य प्रदेश” की अवधारणा के तहत एआइ आधारित विकास और स्मार्ट गवर्नेंस का विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया। इसमें रियल टाइम भीड़ प्रबंधन, प्रेडिक्टिव ट्रैफिक विश्लेषण, डिजिटल ट्विन मॉडल और एआइ आधारित इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।

इंदौर में बनेगा एआइ सेंटर फॉर एक्सीलेंस

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जा रहा है। इसके तहत इंदौर में “सेंटर फॉर एक्सीलेंस” स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र एआइ आधारित अनुसंधान, नवाचार और स्किल डेवलपमेंट का प्रमुख हब बनेगा। यहां 10 हजार से अधिक एआइ डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा।

इन क्षेत्रों में भी गूगल के साथ मिलकर काम करेगा मप्र

- ओजस एआइ फ्रेमवर्क के माध्यम से दूरस्थ क्लीनिकल निर्णय सहायता, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पूर्व पहचान और रियल टाइम स्वास्थ्य डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।
- किसानों को स्थानीय सलाह, बाजार मूल्य जानकारी एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए जेमिनी संचालित ओपन एआइ नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
- एआइ आधारित वर्चुअल ट्यूटर, व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली और शिक्षक सहायता उपकरण विकसित कर पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों और एक लाख शिक्षकों को बहुभाषीय एवं अनुकूलित शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
- पुलिसिंग और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेडिक्टिव ला एनफोर्समेंट, बिहेवियरल एनालिटिक्स और डिजिटल फोरेंसिक्स आधारित एआइ समाधान प्रस्तुत किए गए, जिससे जांच और प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सके।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.