MP में 15-16 अक्टूबर को बारिश, ग्वालियर-चंबल भीगेंगे:भोपाल-इंदौर में रात में ठंडक रहेगी, दिन में गर्मी; उज्जैन-जबलपुर में भी ऐसा मौसम

Updated on 13-10-2026 01:47 PM

मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में असर देखने को मिलेगा। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा।

मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान है। भोपाल और इंदौर में रात में ठंडक बनी रहेगी, जबकि उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर खत्म हो गया, लेकिन अब नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और नए चक्रवात की वजह से प्रदेश में असर देखने को मिलेगा।

मानसून लौट चुका, बारिश जारी

प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।

अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है।

इस साल सामान्य से कम हुई बारिश

दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है।

वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

इन 25 जिलों में कोटा फुल

भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई।

इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

इस बार जून सूखा रहा, इस वजह से आंकड़ा कम

मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जुलाई, अगस्त और सितंबर का कोटा तो फुल रहा, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह है कि इस साल प्रदेश में 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है।

अब जानिए, अक्टूबर में कब, कैसा रहा 5 बड़े शहरों का मौसम…

भोपाल: 2012 में रिकॉर्ड 38 डिग्री रहा था तापमान

भोपाल में अक्टूबर का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 32.7 और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा है। पिछले 10 साल में तापमान 32 डिग्री के पार ही रहा। साल 2017 में 36.4 डिग्री तक पहुंच चुका है। 2012 में पारा रिकॉर्ड 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

वहीं, न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री 12 अक्टूबर 2012 को रहा था। इस महीने बारिश का भी ट्रेंड है। साल 1955 में पूरे महीने साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। 6 अक्टूबर 2009 को 24 घंटे में रिकॉर्ड 5 इंच पानी गिरा था। पिछले साल पूरे महीने 3.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

इंदौर: 25 साल पहले रिकॉर्ड 6.2 डिग्री रहा था न्यूनतम तापमान

इंदौर में भी तीनों मौसम देखने को मिलते हैं। पिछले 10 साल 2016 से 2025 की बात करें, तो दिन में तीन बार 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रह चुका है। रात का टेम्प्रेचर 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रात में ठंड का असर बढ़ जाता है। इस महीने इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड है। साल 2013 में सबसे ज्यादा 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी। पिछले साल 1 इंच पानी गिरा।

इंदौर में 22 अक्टूबर 2000 को दिन का तापमान 37.8 डिग्री तक पहुंच गया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है। 25 साल पहले 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह अब तक की सबसे ठंडी रात रही थी।

वर्ष 1985 में अक्टूबर महीने में 9 इंच से ज्यादा बारिश हो गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 9 अक्टूबर 1985 को 6.19 इंच हुई थी। पिछले साल पूरे महीने 5.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

ग्वालियर: 38 डिग्री पार पहुंच जाता है दिन का तापमान

ग्वालियर में अक्टूबर महीने में भी दिन में तेज गर्मी पड़ती है। वर्ष 2015 में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पिछले 10 साल में अमूमन तापमान 35 डिग्री से ज्यादा ही रहा।

27 अक्टूबर 1994 को दिन का तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। यहां का औसत अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और औसत न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस है।

यहां जिस तरह से गर्मी पड़ती है, उसी तरह से ठंड का असर भी रहता है। 2018 में तापमान 11.9 डिग्री दर्ज किया गया था। 31 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री रहा था। 10 में से 8 साल बारिश का दौर भी रहा।

2022 में 5 इंच, 2024 में 4.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1956 में 8.68 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 13 अक्टूबर 1955 को हुई थी। इस दिन 6 इंच पानी बरस गया था।

जबलपुर: 74 साल पहले सबसे सर्द रही थी रात

जबलपुर में अक्टूबर महीने में औसत अधिकतम तापमान 31.8 और औसत न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। हालांकि, पिछले 10 साल में दिन-रात का पारा इससे अधिक ही रहा।

5 अक्टूबर 1966 को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री रहा था।

वर्ष 1916 में सबसे ज्यादा 10.46 इंच मासिक बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश 4 अक्टूबर 1977 को हुई थी। पिछले साल भी पूरे महीने 7 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन: 10 में से 2 साल बारिश नहीं हुई

उज्जैन में पिछले 10 में से 2 साल अक्टूबर महीने में बारिश नहीं हुई। वर्ष 2009 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4.46 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 अक्टूबर 2009 को हुई थी। इस दिन 92 मिमी यानी 3.62 इंच बारिश हो गई थी।

दूसरी ओर, 5 अक्टूबर 2002 को दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक है। 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री रहा था।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 October 2026
आज 13 अक्टूबर को पार्श्वगायक किशोर कुमार की पुण्यतिथि है। मध्यप्रदेश सरकार उनकी याद में इस साल का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान एक्टर रघुवीर यादव को देने जा रही है।…
 13 October 2026
बिजली की आंखमिचौली, गरमाई सियासत मध्य प्रदेश में बिजली की आंखमिचौली फिर शुरू हो गई है। कई जिलों में बिजली कटौती से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे…
 13 October 2026
ग्वालियर में सोमवार शाम पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा लिफ्ट में फंस गए। वे जयेंद्रगंज में इंग्लिश कोचिंग क्लासेस की नई ब्रांच का उद्घाटन करने…
 13 October 2026
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा तीसरे दिन दमोह जिले के हटा से रवाना हो गई। इससे पहले, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गौरी…
 13 October 2026
मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने के मामले में राज्य सरकार आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई…
 10 October 2026
महाराष्ट्र से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे छात्रों को इटारसी में गोवा एक्सप्रेस से उतार लिया गया।ये मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव से…
 10 October 2026
रीवा जिले की सिरमौर तहसील के सरई कला और रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर आज कंपनी, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही।…
 10 October 2026
मध्य प्रदेश में मानसूनी विदाई के बाद भी चक्रवात (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन एक्टिव होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में शनिवार…
 10 October 2026
भाजपा विधायक के सामने भिड़ गए समर्थक दतिया में भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के सामने हंगामा हो गया। उनके साथ मार्च कर रहे दो कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।हुआ यूं…
Advt.