महंगे मकानों की मांग
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग सबसे ज्यादा रही। नवंबर में हुए कुल रजिस्ट्रेशन में से 80% आवासीय प्रॉपर्टी के थे। बड़े और प्रीमियम घरों की मांग बढ़ी है। 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों का हिस्सा बढ़कर 7% हो गया है, जो पिछले साल 5% था। 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के बीच के घरों का हिस्सा बढ़कर 33% हो गया है। वहीं, 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घरों का हिस्सा घटकर 42% रह गया है। यह दिखाता है कि कम कीमत वाले घरों की कीमत बढ़ने से लोगों को थोड़ी मुश्किल हो रही है। 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बीच के घरों का हिस्सा 18% पर स्थिर रहा।1,000 वर्ग फुट तक के छोटे घर अभी भी सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। कुल रजिस्ट्रेशन में इनका हिस्सा 84% रहा। 500 से 1,000 वर्ग फुट के बीच के घर सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। 1,000 से 2,000 वर्ग फुट के बड़े घरों का हिस्सा बढ़कर 13% हो गया है। 2,000 वर्ग फुट से बड़े अपार्टमेंट का हिस्सा भी बढ़कर 4% हो गया है। यह दिखाता है कि लोग बड़े और आरामदायक घरों की तलाश में हैं।
मुंबई के पश्चिमी और मध्य उपनगरीय इलाके प्रॉपर्टी की बिक्री के सबसे बड़े बाजार बने हुए हैं। कुल रजिस्ट्रेशन में इनका हिस्सा 85% रहा। पश्चिमी उपनगरों का हिस्सा सबसे ज्यादा 56% रहा, जबकि मध्य उपनगरों का हिस्सा 29% रहा। दक्षिण मुंबई का हिस्सा 9% पर स्थिर रहा जबकि सेंट्रल मुंबई का हिस्सा घटकर 6% रह गया।



