
24 जून को प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शिकायत करते हुए बताया कि वह नियमित रूप से भोपाल स्टेशन से यात्रा करता है और हर बार किसी न किसी समस्या का सामना करता है। यात्री के अनुसार, 14 रुपये की पानी की बोतल 20 रुपये में और 40 रुपये का केक 50 रुपये में दिया गया। विरोध करने पर दुकानदार ने सामान देने से इनकार कर दिया।
यात्री का आरोप है कि भूख और मजबूरी के कारण उसे अतिरिक्त पैसे देकर सामान खरीदना पड़ा। इस घटना ने स्टेशन पर वेंडरों द्वारा मनमानी वसूली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
इसी दिन सुबह करीब 10:02 बजे प्लेटफार्म नंबर-1 की लिफ्ट बंद मिलने से यात्रियों को भारी सामान लेकर सीढ़ियों से चढ़ना पड़ा। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वालों पर पड़ा। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर आधुनिक सुविधाएं होने के बावजूद यदि वे समय पर काम न करें तो उनका उद्देश्य पूरा नहीं होता।
यात्रियों की मांग
लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बाद यात्रियों की मांग है कि स्टेशन पर वेंडरों की नियमित जांच हो, तय दरों का पालन कराया जाए और लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधाओं की निगरानी मजबूत की जाए, ताकि यात्रियों को परेशानी के बजाय बेहतर यात्रा अनुभव मिले।