इस मैच में कुल 13 छक्के लगे जो विश्व कप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। मैच का अंत एलीसे पेरी के एक शानदार छक्के के साथ हुआ।

मैच में भारतीय खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने 12 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए एक कैलेंडर साल में 1000 ODI रन का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 1997 में बेलिंडा क्लार्क के 970 रनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इसके अलावा मंधाना ने महिला वनडे में सबसे तेज 5,000 रन भी पूरे किए। उन्होंने यह मुकाम अपनी 112वीं वनडे पारी में हासिल किया जो स्टैफनी टेलर के 129 पारियों के रिकॉर्ड से काफी कम है। इस तरह वह 5000 रन बनाने वाली सबसे तेज (पारियों के हिसाब से) महिला खिलाड़ी बन गईं।
मंधाना का बल्ला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खूब चला। उन्होंने इस मैच में 46 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। इस अर्धशतक के साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वनडे में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के मामले में मिताली राज को भी पीछे छोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके 50+ स्कोर उनके रिकॉर्ड का एक अहम हिस्सा रहे हैं।
मैच की शुरुआत में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। 15वें ओवर में भारत का स्कोर 73 रन बिना किसी नुकसान के था। इस मजबूत नींव का फायदा उठाते हुए स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने मिलकर 24.3 ओवरों में 155 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी महिला विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी जिसने 2009 में अंजुम चोपड़ा और अनाघा देशपांडे के 69 रनों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा।
मंधाना और रावल की यह 155 रनों की साझेदारी विश्व कप के लिए भी एक बड़ा रिकॉर्ड बन गई। यह उस विश्व कप की पहली शतकीय ओपनिंग साझेदारी थी और भारत के लिए प्रतियोगिता में एक रिकॉर्ड ओपनिंग स्टैंड था। इस साझेदारी ने भारत को पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
भारत ने इस मैच में 330 रन बनाए। यह महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर था। साथ ही यह विश्व कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर भी था। 330 रन टूर्नामेंट में भारत के सबसे बड़े वनडे स्कोर में से एक है।
ऑस्ट्रेलिया ने 331 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन विकेट से जीत हासिल की। यह महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इसने 2024 में श्रीलंका द्वारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाए गए 302 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के रिकॉर्ड को तोड़ा। हीली के शतक ने इस लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई और ऑस्ट्रेलिया ने बचे हुए ओवरों में यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मैच में कुल 13 छक्के लगे जो विश्व कप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। मैच का अंत एलीसे पेरी के एक शानदार छक्के के साथ हुआ।