एमपी की प्रीति बाई बनीं डेयरी क्वीन, सालाना कमा रहीं 95 लाख रुपये, 3 भैंसों से की थी शुरुआत

Updated on 22-05-2026 05:44 PM
 भोपाल। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित मानी जाने वाली महिलाएं आज अपने हौसले और मेहनत से हर क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। मध्यप्रदेश की हजारों महिलाएं डेयरी व्यवसाय के जरिए न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार और गांव की आर्थिक तस्वीर भी बदल रही हैं। भोपाल के बंगरसिया गांव की प्रीति बाई इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं, जिन्होंने महज तीन भैंसों से शुरुआत कर आज करोड़ों के कारोबार तक का सफर तय किया है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रह सकतीं।

प्रदेश में डेयरी बनी महिलाओं की ताकत

मध्यप्रदेश में डेयरी व्यवसाय महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। राज्य में करीब 88 हजार महिलाएं डेयरी कार्य से जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं रोजाना लगभग 2.5 लाख किलो दूध संग्रह में योगदान दे रही हैं। प्रदेशभर में सात हजार से अधिक सहकारी समितियां काम कर रही हैं, जिनमें 1400 से ज्यादा महिला संचालित इकाइयां शामिल हैं। इससे महिलाओं को रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता तीनों मिल रहे हैं।

तीन भैंसों से शुरू हुआ प्रीति बाई का सफर

भोपाल के बंगरसिया गांव की प्रीति बाई ने 2003 में तीन भैंसों से डेयरी शुरू की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। वर्ष 2009 में व्यवस्थित डेयरी शुरू करने के बाद आज उनके पास 32 भैंसें और 40 गायें हैं।रोजाना 500 लीटर दूध का उत्पादनप्रीति बाई की डेयरी आज गांव में रोजगार का भी बड़ा जरिया बन चुकी है। डेयरी में चार लोग काम करते हैं, जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। उनकी गायों और भैंसों से सुबह-शाम मिलाकर करीब 500 लीटर दूध का उत्पादन होता है। सालाना करीब 1.6 लाख लीटर दूध उत्पादन के साथ उनकी आय लगभग 95 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें एनडीडीबी और बेस्ट फार्मर 2025 अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

गोकुल बाई बनीं प्रेरणा

शाजापुर की गोकुल बाई ने दो गायों से डेयरी शुरू की थी। आज उनके पास 50 से ज्यादा पशु हैं और सालाना आय 21 लाख रुपए पहुंच गई है। डेयरी क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें आइडीए बेस्ट वीमेल डेयरी फार्मर अवार्ड भी मिल चुका है।

महिलाएं अब बदलाव की पहचान

डेयरी व्यवसाय ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया है। गांव की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार देकर दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास समाज में महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना रहे हैं।

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक डा. संजय गोवाणी ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारी मॉडल के जरिए महिलाओं को संगठित कर उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
भोपाल, दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री…
 22 July 2026
मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से नाराज मध्य प्रदेश बस ओनर्स…
 22 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाए हैं।विधानसभा में सरकार के जवाब का हवाला…
 22 July 2026
भोपाल। आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज के झांसे में आकर भोपाल गए सागर जिले के एक किसान की गलत ब्लड चढ़ाने के कारण मौत हो गई।मृतक 46 वर्षीय ब्रह्मानंद सिंह…
 22 July 2026
भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्पष्ट किया है कि नदियों में दूध अर्पित करना लोगों की आस्था का विषय है और इसके खिलाफ देश में कोई निषेधात्मक कानून नहीं…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2018 के मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स में संशोधन करके…
 22 July 2026
 भोपाल। कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन, पहाड़ी और पेड़ों की कटाई के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन…
 22 July 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन का सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शाहपुरा तालाब किनारे डाला…
Advt.