एमपी के निजी मेडिकल कॉलेजों में 8 साल बाद लौटेगा 'मैनेजमेंट कोटा'

Updated on 22-07-2026 02:04 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2018 के मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स में संशोधन करके 'प्रवेश नियम-2026' लागू करने की तैयारी में है। इस नई नीति के तहत प्रदेश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में करीब 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 30 प्रतिशत 'मैनेजमेंट कोटा' फिर से शुरू किया जाएगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

नए मसौदे के अनुसार, 15 प्रतिशत एनआरआई (NRI) कोटा पहले की तरह बना रहेगा, जबकि बाकी बची 55 फीसदी सीटों पर सामान्य काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। इस नीति का ड्राफ्ट तमिलनाडु और राजस्थान के मेडिकल एजुकेशन मॉडल का गहन अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है।

सरकारी खजाने पर घटेगा 1000 करोड़ का बोझ

राज्य सरकार का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से सरकारी खजाने को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में मेधावी विद्यार्थी योजना, एससी-एसटी (SC/ST) और ओबीसी (OBC) वर्ग के छात्रों की मेडिकल फीस और स्कॉलरशिप पर सरकार को सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे की सीटों पर दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की फीस का वहन सरकार को नहीं करना पड़ेगा। इससे राज्य सरकार को हर साल करीब 1,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से काउंसलिंग के बाद निजी कॉलेजों में खाली रह जाने वाली सीटों की समस्या समाप्त होगी और जिन छात्रों को सामान्य मेरिट से सीट नहीं मिल पाती थी, उन्हें भी पढ़ाई का अवसर मिलेगा।

महंगी होगी पढ़ाई

प्रस्तावित नियमों के तहत मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर भी प्रवेश केवल NEET की मेरिट और राज्य स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से ही संभव होगा। बिना नीट पास किए किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि, इस व्यवस्था से मेडिकल की पढ़ाई काफी महंगी होने के आसार हैं। मैनेजमेंट सीटों की फीस सामान्य निजी सीटों से कई गुना अधिक रखी जाएगी। यह सरकारी कोटे की ट्यूशन फीस से लगभग 3 गुना तक ज्यादा हो सकती है।

तमिलनाडु में मैनेजमेंट कोटे की सालाना फीस 40 से 56 लाख रुपये और राजस्थान में 28 से 30 लाख रुपये तक है। मध्य प्रदेश में अंतिम फीस का निर्धारण प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (FRC) और एमपी पीयूआरसी (MPPURC) द्वारा किया जाएगा। इस संशोधित नीति के मसौदे को जल्द ही पहले राज्य कैबिनेट और उसके बाद विधानसभा की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.