साइबर अपराधों पर MP पुलिस का बड़ा कदम; अब 25 हजार के फ्रॉड पर भी दर्ज होगी ई-जीरो FIR

Updated on 20-07-2026 12:55 PM

भोपाल। प्रदेश में लगातार बदलते साइबर अपराधों के स्वरूप और बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राज्य में 25,000 या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर भी ई-जीरो प्राथमिकी दर्ज की जा सकेगी।

इससे पहले यह सुविधा केवल 1 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में ही उपलब्ध थी। मप्र पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर की न्यूनतम सीमा में सीधे 75,000 रुपये की कटौती कर दी है। इस फैसले से अब पहले की तुलना में कहीं अधिक संख्या में साइबर ठगी पीड़ितों को तत्काल कानूनी संरक्षण और शुरुआती पुलिस कार्रवाई का फायदा मिल सकेगा।

'गोल्डन ऑवर' में फ्रीज हो सकेगी ठगी गई रकम

एसपी प्रणय नागवंशी के अनुसार, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ठगी के तुरंत बाद के शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें तकनीकी भाषा में 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है।
यदि पीड़ित इस समय के दौरान बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा देता है, तो संबंधित एजेंसियां और बैंक आपस में त्वरित समन्वय कर अपराधियों द्वारा पैसा निकाले जाने से पहले ही उस खाते/रकम को फ्रीज (होल्ड) करवा सकते हैं । इससे पीड़ित की गाढ़ी कमाई वापस मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
मध्य प्रदेश में 25 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'ई-जीरो एफआईआर प्रणाली' की शुरुआत की थी । उस समय यह सुविधा केवल 1 लाख रुपये से अधिक की ठगी पर लागू थी, जिसे अब घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है।

तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म करेंगे काम

ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए तीन प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को आपस में एकीकृत किया गया है
1. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी)
2. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी)
3. क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस)
इन तीनों सिस्टम्स के एक साथ काम करने से शिकायत दर्ज होते ही स्वतः ई-एफआईआर जनरेट हो जाएगी और बिना किसी मानवीय देरी के मामला संबंधित थाने तक पहुंच जाएगा।

कैसे काम करेगी यह पूरी व्यवस्था?

चरण 1: पीड़ित सबसे पहले 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करेगा या NCRP पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज करेगा।
चरण 2: दर्ज शिकायत CCTNS प्रणाली के माध्यम से स्वतः (ऑटोमैटिक) ई-जीरो एफआईआर में बदल जाएगी।
चरण 3: पीड़ित को तुरंत उसके मोबाइल/ईमेल पर ई-जीरो एफआईआर नंबर प्राप्त हो जाएगा।
चरण 4: राज्य साइबर पुलिस पूरे मामले की प्राथमिक समीक्षा करेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केस संबंधित स्थानीय पुलिस थाने को ट्रांसफर कर देगी।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.