एमपी की वोटर लिस्ट में 58 लाख नामों का बड़ा अंतर; अब घर-घर पहुंचकर सत्यापन करेगा निर्वाचन आयोग

Updated on 25-06-2026 02:05 PM
भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनावों को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आयोग अपनी मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और शुद्ध करने की कवायद में जुट गया है। अब मैदानी स्तर पर जाकर मौके पर सत्यापन की कार्रवाई भी की जाएगी।दरअसल, मौजूदा राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट के बीच प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में एक बहुत बड़ा अंतर सामने आया है, जो करीब 58 लाख का है। इस भारी विसंगति को दूर करने के लिए अब राज्य निर्वाचन आयोग व्यापक स्तर पर परीक्षण और जांच की शुरुआत कर रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आगामी 29 जून को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक के लिए एक खास एजेंडा तय किया गया है, जिसके आधार पर ही पूरी वोटर लिस्ट का कड़ाई से परीक्षण किया जाएगा।

इन तीन मुख्य बिंदुओं के आधार पर होगा वोटर लिस्ट का परीक्षण

चुनाव आयोग ने इस गड़बड़ी और अंतर को ठीक करने के लिए तीन कड़े पैमाने तय किए हैं, जिनके आधार पर सूचियों को सुधारा जाएगा।
मतदाताओं की जांच और छंटनी: सूची में शामिल अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत और रिपीट यानी 'एसडीआर' श्रेणी के मतदाताओं की बारीकी से जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत जो वोटर मृत हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं, उनके नाम सूची से पूरी तरह हटाए जाएंगे।
दोनों सूचियों का आपस में मिलान: भारत निर्वाचन आयोग की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची 2026 में दर्ज मतदाताओं की संख्या और राज्य निर्वाचन आयोग की वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के आंकड़ों का गहन मिलान कर इस 58 लाख के अंतर की असल वजह तलाशी जाएगी।
मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन: भारत निर्वाचन आयोग के डेटा और राज्य निर्वाचन आयोग के मतदाताओं का न सिर्फ मिलान होगा, बल्कि मैदानी स्तर पर जाकर मौके पर सत्यापन की कार्रवाई भी की जाएगी ताकि कोई भी फर्जी या गलत एंट्री सूची में न बचे।

क्यों जरूरी है यह कवायद

मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनावों का पूरा दारोमदार राज्य निर्वाचन आयोग की इसी वोटर लिस्ट पर टिका होता है। राज्य निर्वाचन आयोग अपनी सूची को अद्यतन (अपडेट) करने के लिए ही भारत निर्वाचन आयोग की वर्ष 2026 की सूची का सहारा ले रहा है।
इस शुद्धिकरण अभियान से जहां एक तरफ चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी, वहीं दूसरी तरफ 58 लाख के इस बड़े अंतर के पीछे छिपे तकनीकी या व्यावहारिक कारणों का भी खुलासा हो सकेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.