सिंहस्थ से पहले शुरू होगी मध्य प्रदेश की पहली मेडिसिटी, अगले साल मंडला, राजगढ़ मेडिकल कॉलेज होंगे शुरू

Updated on 05-06-2026 01:42 PM

भोपाल। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 से पहले मेडिकल कालेज प्रारंभ करने की तैयारी है। सरकार इसे प्रदेश की पहली मेडिसिटी के तौर पर विकसित कर रही है। विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी एक मेडिसिटी बनाने की घोषणा की थी। अगला विधानसभा चुनाव 2028 के अंत में संभावित हैं, इसके पहले सरकार मेडिसिटी प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है।

शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए अगले वर्ष नेशनल मेडिकल कमीशन को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) द्वारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। यहां एमबीबीएस 150 सीटें होंगी। उज्जैन के साथ मंडला और राजगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। वर्ष 2026 में बुधनी, दमोह और छतरपुर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के लिए डीएमई की तरफ से एनएमसी को आवेदन किया जा चुका है।

एमबीबीएस सीटें 3450 पहुंच जाएंगी

दो वर्ष में छह नए कालेज खुलने से प्रदेश में 25 शासकीय कॉलेज हो जाएंगे, जिनमें एमबीबीएस की कम से कम 3450 सीटें हो जाएंगी। इसी तरह से पीपीपी माडल सहित 13 नए निजी मेडिकल कॉलेज भी खुलने की स्थिति में हैं। इनमें 1300 सीटें होंगी।

इस प्रकार शासकीय और निजी मिलाकर 1900 सीटें बढ़ जाएंगी। अभी प्रदेश के 19 शासकीय कालेजों में एमबीबीएस की 2850 और 14 निजी कॉलेजों में 2700 सीटें मिलाकर कुल 5550 सीटें हैं। 2028 तक यह 7450 हो जाएंगी। सब कुछ योजना के अनुरूप चला तो वर्ष 2033 तक हर साल 7450 डाक्टर तैयार होने लगेंगे।

क्या-क्या सुविधा रहेगी उज्जैन की मेडिसिटी में

  • एमबीबीएस की 150 सीट वाला अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज होगा। इससे संबद्ध 550 बिस्तरों का अस्पताल होगा, जिसमें सुपरस्पेशियलिटी सेवाएं भी होंगी।
  • ऐसा डायग्नोस्टिक सेंटर बनाया जा रहा है जिसमें सभी पैथोलाजिकल, माइक्रोबायोलॉजिकल, रेडियोडायग्नोसिस की जांचें एक जगह पर हो सकेंगी।
  • एकीकृत स्वास्थ्य के अंतर्गत आयुष की पैथियों में उपचार की सुविधा और वेलनेस सेंटर बनेंगे। वेलनेस सेंटर बनाने का उद्देश्य बीमारी से बचाव (प्रिवेंशन) को लेकर है, जिसमें योग-ध्यान भी कराया जाएगा।
  • मेडिसिटी के माध्यम से स्वास्थ्य पर्यटन को आकर्षित करने की योजना है।
  • डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा भी रहेगी।

सीएम केयर योजना : वर्ष 2028 से मिलने लगेगा लाभ

सरकार ने इसी वर्ष सीएम केयर योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसे कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। इसके अंतर्गत पांच वर्ष में 3628 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। योजना के अंतर्गत सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं पर फोकस है। कैंसर में मेडिकल आंकोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, आर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जानी हैं।

साथ ही सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं का प्रदेशस्तरीय अस्पताल भी भोपाल या उज्जैन में बनाने पर विचार चल रहा है। बता दें, लगभग 50 प्रतिशत कॉलेजों में अभी भी यह सेवाएं मिल रही हैं, पर कुछ जगह अलग से विभाग तक नहीं हैं।

संसाधनों की बहुत अधिक कमी है। सीएम केयर में आने के बाद संबंधित कॉलेजों में अलग सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक बनेगा। अलग से बजट होगा। दूसरा बड़ा लाभ यह होगा कि सुपरस्पेशियलिटी सीटें भी बढ़ जाएंगी।



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