शेख मिसाल की पहल के तहत उठाया गया कदम
कुवैत का ये कदम अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-सबा के नेतृत्व वाली सुधारवादी पहल का हिस्सा है। इसका उद्येश्य राष्ट्रीयता को कवैती रक्त संबंधों तक सीमित रखना और कुवैती पहचान को नया आकार देना है। विश्लेषकों का कहना है कि नागरिकता नीति का उद्देश्य तेल समृद्ध देश की राष्ट्रीयता को रक्त संबंध तक सीमित करके संभावित रूप से इसके मतदाताओं को कम करना है। अमीर शेख मेशाल ने दिसम्बर 2023 में सत्ता संभालने के पांच महीने बाद संसद को भंग कर दिया और संविधान के कुछ हिस्सों को निलंबित कर दिया था।26000 महिलाओं की छिनी नागरिकता
कुवैत में जिन 37,000 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है, उनमें कम से कम 26,000 महिलाएं हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। कुवैत विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर बदल अल-सैफ ने कहा, जबकि कुवैत में बड़े पैमाने पर नागरिकता रद्द करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह संख्या निश्चित रूप से अभूतपूर्व है।कुवैत में पहले ही लगभग 100,000 बिदून लोगों का राज्यविहीन समुदाय है। बिदून एक अरब अल्पसंख्यक हैं, जो बेडोइन नामक खानाबदोश जनजाति से आते हैं, जो कुवैत में बस गए थे। 1961 में जब कुवैत आजाद हुआ, बिदून लोगों को नागरिक के रूप में शामिल नहीं किया गया। नया उपाय विवाह के जरिए नागरिकता को समाप्त करता है।



