इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी:चंद्रमा के साउथ पोल पर मॉन्स माउटन पहाड़ पर उतरेगा

Updated on 09-02-2026 12:28 PM
बेंगलुरु, इसरो ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश ली है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिली तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन (MM-4) क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सबसे सही बताया है।

मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल के पास स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा पहाड़ है। इसकी चोटी काफी हद तक सपाट है, जो लैंडिंग के लिए अनुकूल है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्च के करीब लिया जाएगा।

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इलाका इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां लंबे समय तक सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वॉटर आइस मौजूद होने की संभावना भी जताई जाती है।

चंद्रयान-2 की तस्वीरों से मिली मदद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस (LPSC 2026) में पेश किया गया। लैंडिंग साइट तय करने के लिए चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर लगे ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरे (OHRC) की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया।

यह कैमरा चंद्र सतह को करीब 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल के रेजोल्यूशन में दिखाता है। इससे छोटे क्रेटर, पत्थर, ढलान और सतह की बनावट साफ नजर आती है, जिससे लैंडिंग के लिए खतरनाक इलाकों की पहचान पहले ही हो जाती है।

MM-4 को लैंडिग के लिए क्यों चुना गया…

  • स्टडी में मॉन्स माउटन क्षेत्र की चार अलग-अलग लैंडिंग साइट्स का आकलन किया गया। इनमें MM-4 साइट को सबसे सुरक्षित माना गया।
  • इस साइट पर औसतन ढलान करीब 5 डिग्री है, जबकि लैंडर 10 डिग्री तक के ढलान पर उतरने में सक्षम है। यहां बड़े पत्थर कम हैं और ज्यादातर बोल्डर 0.3 मीटर से छोटे पाए गए हैं, जिससे लैंडिंग का जोखिम कम हो जाता है।
  • MM-4 साइट पर लगातार 11 से 12 दिन तक सूर्य की रोशनी मिलने की संभावना है।
  • इस क्षेत्र से पृथ्वी के साथ रेडियो कम्युनिकेशन भी साफ बना रहता है, जिससे मिशन के दौरान संपर्क में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आती।

सैंपल लेकर लौटेगा चंद्रयान-4

2104 करोड़ रुपए के इस मिशन में चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन में दो अलग-अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। हैवी-लिफ्टर LVM-3 और इसरो का रिलायबल वर्कहॉर्स PSLV अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे।

स्टैक 1 में लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए एसेंडर मॉड्यूल और सतह पर लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए डिसेंडर मॉड्यूल शामिल हैं। स्टैक 2 में थ्रस्ट के लिए एक प्रोपल्शन मॉड्यूल, सैंपल होल्ड के लिए ट्रांसफर मॉड्यूल और सैंपल को पृथ्वी पर लाने के लिए री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं। चंद्रयान-4 को इसरो का अब तक का सबसे मुश्किल मून मिशन माना जा रहा है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 April 2026
सहरसाः बिहार के सहरसा जिले में इटहरी थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में घरेलू विवाद के चलते एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ससुर से विवाद के बाद महिला ने दूध…
 27 April 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में उतर कर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। सीएम ममता बनर्जी पर सीधा हमला करते दिख रहे हैं।…
 27 April 2026
जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार राजस्थान दौरे पर आए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद उनका यह पहला दौरा है। सुबह साढ़े 11…
 27 April 2026
पटना: तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि NDA सरकार ने बिहार की महिलाओं के साथविश्वासघात किया। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को ये बड़ा आरोप लगाया और…
 25 April 2026
पटनाः बिहार में मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ठोस कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में…
 25 April 2026
गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद से बड़ी खबर आई है। कुछ महीने पहले जिस यूट्यूबर सलीम वास्तिक के दफ्तर में घुसकर दो भाइयों ने हमला किया था, उसे दिल्‍ली पुलिस ने शुक्रवार…
 25 April 2026
हैदराबाद : भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता के. कविता ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र सेना ( TRS ) लॉन्च की। BRS से अलग होने के…
 25 April 2026
अयोध्या: भीषण गर्मी और बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच श्री राम मंदिर अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के लिए ट्रस्ट ने नई एडवाइजरी जारी की है। ऑनलाइन दर्शन…
 25 April 2026
नई दिल्ली: राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन सांसदों का बीजेपी में शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं…
Advt.