'च‍िनाब पर भारत के प्रोजेक्ट बड़ा खतरा, सिंधु बेसिन पर होगा दबदबा', पाकिस्तानी व‍िदेश मंत्री ने दुनिया से लगाई गुहार

Updated on 19-06-2026 11:52 AM
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि सिंधु नदी प्रणाली पर भारत के जलाशय विस्तार और पानी मोड़ने की परियोजनाएं पूरे क्षेत्र के लिए मुश्किल का सबब बन सकती हैं। पाकिस्तान सरकार भारत के इन प्रोजेक्ट का विरोध कर रही है। वहीं भारत का कहना है कि पानी का इस्तेमाल करना या डैम बनाना उसके अधिकार क्षेत्र में आता है।

जियो टीवी के मुताबिक, इशाक डार का कहना है कि भारत की परियोजनाओं से नदी का प्राकृतिक बहाव बदल सकता है। साथ ही इससे हाइड्रो-हेजेमनी (जल-प्रभुत्व) को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे में भारत के कदम क्षेत्रीय स्थिरता और पाकिस्तान में जल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे में दुनिया को इस पर ध्यान देना चाहिए।

पाकिस्तान के भारत पर आरोप

इशाक डार ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में जल संसाधनों पर एक कॉन्फ्रेंस में सिंधु जल संधि का मामला उठाते हुए भारत पर कई आरोप लगाए हैं। डार ने कहा, 'यह बात जोर देकर कहना जरूरी है कि हमारी चिंताएं सिर्फ भारत के बयानों पर आधारित नहीं हैं। भारत ने सिंधु, चिनाब और रावी नदियों पर जलाशय बनाने, मौजूदा ढांचों का विस्तार करने और पानी का रुख मोड़ने (डायवर्जन) जैसी परियोजनाएं शुरू की हैं।'
इशाक डार ने आगे कहा, 'कुल मिलाकर ऐसी कम से कम 17 परियोजनाएं पूरे नदी तंत्र को बुरी तरह बदल देंगी, जिससे भारत को 'हाइड्रो-हेजेमनी' (पानी पर दबदबा) हासिल करने का जरिया मिल जाएगा। पाकिस्तान इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हम पहले ही कह चुके है कि उसकी नदियों के पानी का बहाव बदलने की कोशिश को वह युद्ध की कार्रवाई (एक्ट ऑफ वॉर) मानेगा।'

भारत के चिनाब प्रोजेक्ट

भारत की चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी दो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं पाकिस्तान के लिए नई मुश्किल का सबब हैं। भारत ने नदियों के पानी का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल करने के लिए ये प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। इससे पाकिस्तान में डर है कि उसकी ओर आने वाला परानी रुक जाएगा और उसके सामने जल संकट खड़ा हो जाएगा।इन दो में से बड़ा प्रोजेक्ट लाहौल-स्पीति में 2,352 करोड़ रुपए का चेनाब-ब्यास लिंक टनल प्रोजेक्ट है। इसमें 8.7 किलोमीटर लंबी एक सुरंग बनाई जाएगी ताकि चेनाब बेसिन से अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी प्रणाली में मोड़ा जा सके। इस प्रोजेक्ट का मकसद चेनाब की सहायक नदी चंद्रा से पानी को हाइड्रोलिक संरचनाओं और सुरंगों के जरिए ब्यास बेसिन की ओर भेजना है।

चिनाब नदी पर प्रोजेक्ट

चिनाब से जुड़ा दूसरा प्रोजक्ट जम्मू-कश्मीर में सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर 268 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली एक डाइवर्जन-कम-सेडिमेंट बाईपास सुरंग है। इसका मकसद प्रोजेक्ट की एक पुरानी समस्या को हल करना है। यह जरूरत पड़ने पर पानी को मोड़ने में मदद करेगी और बाईपास सिस्टम से जलाशय में जमा गाद को बाहर निकालेगी।

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