परमाणु खतरे के बाद भी पाकिस्‍तान में घुसेगी भारतीय सेना', पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने IBG पर दी चेतावनी

Updated on 20-07-2026 01:34 PM
इस्लामाबाद: भारतीय सेना ने आरकार 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स' (IBGs) के पहले बैच को ऑपरेशनल करने की घोषणा कर दी है। इसके बाद से ही पाकिस्तान के एक्सपर्ट्स लगातार इससे होने वाले असर को लेकर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि अब भारतीय सेना कभी भी कुछ मिनटों में लड़ने की घोषणा कर सकती है। इसके गठन को लेकर सबसे पहले विचार 2004 में 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन' के तहत सीमित युद्ध की रणनीति के हिस्से के तौर पर आया था।

पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपर्ट अब्दुल मोइज खान जो इस्लामाबाद के सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक स्टडीज में रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम करते हैं उन्होंने द डिप्लोमेट में एक लेख लिखा है। इसमें उन्होंने सवाल उठाया है कि जब पिछले साल भारत में 'रुद्र ब्रिगेड' का कॉन्सेप्ट पेश किया गया था तो भारतीय सेना फिर से IBG बनाने का फैसला क्यों किया है? क्या IBG रुद्र ब्रिगेड की जगह लेंगे? उन्हें कब तैनात किया जाएगा उनकी कमान किसके पास होगी और उनकी बनावट कैसी होगी?
उन्होंने लिखा है कि IBG को परमाणु युद्ध की आशंका के बीच पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन शुरू करने वाले ग्रुप के तौर पर तैयार किया गया है। इसलिए IBG की स्थिति का पाकिस्तान की सुरक्षा पर असर पड़ता है।

इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स क्या है ?

इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स भारतीय सेना का एक आधुनिक, बेहद फुर्तीला और आत्मनिर्भर लड़ाकू दस्ता है जिसे युद्ध की स्थिति में दुश्मन पर बहुत कम समय में सटीक और विनाशकारी कार्रवाई करने के लिए तैयार किया गया है।

पहले युद्ध की स्थिति में इन्फैंट्री यानि पैदल सेना), आर्मर्ड (टैंक), आर्टिलरी (तोपखाना) और सिग्नल्स जैसी अलग-अलग सैन्य इकाइयों को अलग-अलग मुख्यालयों से बुलाकर एक कमान के तहत एकजुट करना पड़ता था। इस मोबिलाइजेशन में कई दिनों का समय बर्बाद हो जाता था।IBG एक 'ऑल-आर्म्स' फॉर्मेशन है। इसमें इन्फैंट्री, तोपखाना, एयर डिफेंस, टैंक, कॉम्बैट इंजीनियर्स, सिग्नल्स और लॉजिस्टिक्स (सप्लाई और फील्ड हॉस्पिटल) पहले से ही एक ही कमांडर के नीचे पूरी तरह से एकीकृत हो गये हैं। आदेश मिलते ही यह ग्रुप 12 से 48 घंटे के भीतर तुरंत हमला या बचाव करने के लिए तैयार हो जाता है।

हर एक IBG में करीब 5,000 से 6,000 सैनिक होने का अनुमान है। आकार के मामले में यह एक सामान्य ब्रिगेड से बड़ा लेकिन पूरी डिवीजन से छोटा लेकिन तत्काल ऑपरेशन के लिए तैयार होता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.