हिंद महासागर में भारत-श्रीलंका का 'समुद्र मंथन', चीन के खतरे के बीच अमृत निकालने की तैयारी, जानें प्‍लान

Updated on 29-04-2026 12:38 PM
कोलंबो: श्रीलंका और भारत ने एक बार फिर से हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए एक द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास किया है। IN-SLN DIVEX 2026 अभ्यास के चौथे संस्करण के जरिए दोनों देशों ने एक बार फिर अपने बढ़ते नौसैनिक सहयोग के बारे में बताया है। एक सप्ताह तक चले कार्यक्रम में दोनों देशों के गोताखोर, जहाज और कर्मी एक साथ आए जिसने न सिर्फ ऑपरेशनल कॉर्डिनेशन को बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक रणनीतिक तालमेल को भी दिखाया है।

आपको बता दें कि IN-SLN DIVEX एक स्पेशल द्विपक्षीय अभ्यास है जो डाइविंग और पानी के नीचे होने वाले ऑपरेशन्स पर केंद्रित है। इसे भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच विशेष रूप से जटिल समुद्री वातावरण में आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस साल भारतीय नौसेना के जहाज INS 'निरीक्षक' ने इसमें हिस्सा लिया था जिसने गहरे समुद्र में होने वाले ऑपरेशन्स को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इस अभ्यास को एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है जो दोनों देशों के बीच "गहरे समुद्री सहयोग" को दिखाता है।

हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए भारत-श्रीलंका एक साथ

इस बार जो अभ्यास किया गया है उसकी सबसे खास बात थी गहरे समुद्र में की गई एडवांस्ड डाइविंग। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट का थीम था "गहराइयों से हम डिलीवर करते हैं।" दोनों नौसेनाओं के गोताखोरों ने 55 मीटर से ज्यादा की गहराई में मिक्स्ड-गैस डाइविंग की और अपनी बेहतरीन तकनीकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। ये डाइविंग ऐतिहासिक जहाजों के मलबों के ऊपर की गईं जिनमें दूसरे विश्व युद्ध का जहाज SS Worcester और पहले विश्व युद्ध का जहाज SS Perseus शामिल थे। इसके महत्व को बताते हुए नौसेना ने कहा "यह एक ऐतिहासिक कदम है जो सटीकता, आपसी तालमेल और मजबूत समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है।"रिपोर्ट के मुताबिक 'इस अभ्यास का मकसद दोनों नौसेनाओं के बीच निर्बाध तालमेल स्थापित करना है। संयुक्त पनडुब्बी मिशनों को अंजाम देकर दोनों पक्ष वास्तविक दुनिया की स्थितियों, जैसे खोज और बचाव अभियान, बचाव मिशन और पानी के भीतर मरम्मत के दौरान मिलकर काम करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाते हैं।' इसके अलावा इसमें गैर-ऑपरेशनल गतिविधियों को भी शामिल किया गया था। नौसेना ने एक्स पोस्ट में कहा "लहरों के नीचे और ऊपर, गहरे समुद्री तालमेल को मजबूत करना" को अपनी थीम बताया। इसमें आगे कहा गया "कोलंबो में इसी साझा समुद्री भावना को आगे बढ़ाते हुए INS निरीक्षक के क्रू ने श्रीलंका नौसेना के साथ एक ताजगी भरे योग सत्र में हिस्सा लिया, जिससे समुद्र में रहते हुए सहनशक्ति, सजगता और सामूहिक भलाई को बढ़ावा मिला।"

भारत-श्रीलंका साझेदारी के लिए अहम है ये अभ्यास

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह अभ्यास भारत और श्रीलंका के बीच निरंतर समुद्री सहयोग का एक हिस्सा है जो भारत के क्षेत्रीय दृष्टिकोण 'महासागर' के मुताबिक है। इस तरह के जुड़ाव हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और सामूहिक विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है जो वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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