भारत-बांग्लादेश की 4100 KM लंबी सीमा में कैसे घुसते हैं बांग्लादेशी, चूक या दलालों का जाल? 10 मिनट का 'गेम'
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29-05-2026 02:00 PM
ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों ने खुलासा किया है वो कैसे सीमा पार से भारत आते हैं। कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भारत में कई दशक से रह रहे हैं और उन्होंने अपना आधार कार्ड समेत वोटर आईडी कार्ड तक बनवा रखा है। बांग्लादेश के नागरिकों के अंदर एक बड़ी आबादी में एंटी-इंडिया भावनाएं अंदर तक भरी हैं लेकिन फिर भी वो रहना भारत में चाहते हैं। अब जबकि पश्चिम बंगाल की सरकार घुसपैठियों को लेकर सख्त है तो सीमा पर सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ रहे हैं जो बांग्लादेश से आए थे। उन लोगों ने खुलासा किया है कि बांग्लादेश से अवैध तरीके से लोग कैसे भारत में घुसते हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने बताया कि अगर बिचौलियों को 'गश्त में कोई कमी' मिल जाती है तो वे 10 मिनट के अंदर भारत में घुस जाते थे। दूसरे शख्स ने इंडिया टुडे से दावा किया कि एक नेटवर्क से जुड़े लोगों ने जिसमें पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल थे उन्हें पहचान पत्र दिलाने में मदद की। उन्होंने बताया कि उन्हें अलग-अलग सरकारी योजनाओं के जरिए नकद फायदे मिले और उन्होंने भारत में वोट भी डाले।
बांग्लादेश से कैसे आते रहे हैं अवैध घुसपैठिए?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को न तो पनाह दी जानी चाहिए और न ही उन्हें अदालत में पेश किया जाना चाहिए बल्कि उन्हें सीधे सीमा पर BSF के हवाले कर दिया जाना चाहिए। BJP सरकार ने यह भी कहा है कि बंगाल में अवैध प्रवासियों को मिलने वाले कल्याणकारी लाभों की पहचान की जा रही है और उन्हें बंद किया जा रहा है। भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सैकड़ों लोगों के बांग्लादेश जाने की खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि 'चूंकि घुसपैठिये अपनी मर्जी से वापस जा रहे हैं इसलिए सरकार उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी।' उन्होंने "सुवेंदु अधिकारी को BSF को 600 हेक्टेयर जमीन सौंपने के लिए बधाई दी जिसमें 'चिकन नेक' के पास की कुछ जमीन भी शामिल है। बांग्लादेश के कुश्तिया जिले के एक बढ़ई ने बताया कि उसने एक बिचौलिए को 7000-8000 रुपये दिए। यह बिचौलिया रात में BSF जवानों की गतिविधियों पर नजर रखता था और जब भी गश्त में कोई गैप मिलता था तो वो लोगों को सीमा पार करा देता था। बेंगलुरु में मौजूद एक अन्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासी ने दावा किया कि एक एजेंट को 20,000 रुपये देने के बाद 'सीमा पर सेना की मौजूदगी' के बावजूद वह सीमा पार करने में सफल रहा।
'कभी पूरी रात इंतजार, कभी 10 मिनट में सीमा पार'
एक अवैध बांग्लादेशी प्रवासी ने एक स्थानीय यूट्यूब चैनल हल्दीया लाइव को बताया कि वह अपने भाइयों के साथ एक बिचौलिए के नेटवर्क के जरिए कुश्तिया से भारत में दाखिल हुआ था। उसने बताया कि सीमा पार करने का काम कैसे होता है। उसने कहा 'मैंने केरल में काम किया। अब तो वे किराए पर कमरा देने के लिए भी वोटर कार्ड और आधार कार्ड मांगते हैं और मेरे पास वे दस्तावेज नहीं हैं।' उसने बताया कि 'उनके पास पांच से छह लोगों की टीमें होती हैं। रात में वे देखते हैं कि किन इलाकों में BSF मौजूद है और किनमें नहीं। जैसे ही उन्हें कोई खाली जगह मिलती है वे लोगों को सीमा पार भेज देते हैं। यही उनका तरीका है।" उसने आगे कहा 'कभी-कभी सीमा पार करने का मौका पाने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ता है। और कभी-कभी यह काम 10 मिनट के अंदर ही हो जाता है।"
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