रूसी S-300 की जगह भारत का आकाश-NG एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है ग्रीस, जानें क्‍या है प्‍लान

Updated on 19-02-2026 01:40 PM
एथेंस: ग्रीस ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम आकाश खरीदने में दिलचस्पी जताई है। ग्रीस अपने लेयर्ड एयर डिफेंस नेटवर्क को मॉडर्न बनाने के प्लान के तहत भारत के आकाश-NG एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को विकल्प के तौर पर देख रहा है। ग्रीस कथित तौर पर अपने पुराने रूसी S-300 सिस्टम की जगह भारत के आकाश को चाहते हैं। यह भारत-ग्रीस रक्षा संबंधों और दिल्ली की हथियार निर्यात बढ़ाने की कोशिशों की दिशा में अहम कामयाबी है।

डिफेंस मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीक अधिकारियों ने भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के आकाश सिस्टम का टेक्निकल प्रोफाइल का रिव्यू किया है। रिव्यू के जरिए ग्रीस के रक्षा अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि यह उसके S-300 सिस्टम की जगह कैसे ले सकता है। हालांकि ग्रीस या भारत की सरकार ने आधिकारिक तौर पर आकाश-NG से जुड़ी डील पर कोई जानकारी नहीं दी है।

हवाई सुरक्षा बेहतर करना चाहता है ग्रीस

ग्रीस ने काफी समय से ग्राउंड-बेस्ड एयर डिफेंस लेयर बनाने के लिए रूस की S-300 वायु रक्षा प्रणाली पर भरोसा किया है। हालिया समय के जियोपॉलिटिकल बदलाव, मेंटेनेंस की चुनौतियां और दूसरे क्षेत्रीय कारणों की वजह से ग्रीस अपनी रणनीति बदल रहा है। ग्रीस की कोशिश है कि अपने हथियार सप्लायरों में बदलाव लाया जाए।आकाश-NG भारत के आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन है। DRDO के डाटा से पता चलता है कि इसकी रेंज करीब 50 किमी है। यह सिस्टम बेहतर कमांड-एंड-कंट्रोल इंटीग्रेशन के जरिए एयरक्राफ्ट, क्रूज मिसाइल और दूसरे हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।


आकाश-NG को परख रहे ग्रीस अधिकारी

ग्रीक अधिकारी फिलहाल यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आकाश-NG को ड्रोन और मिसाइल के खतरों का मुकाबला करने के मकसद से बनाए गए अकिलीज शील्ड मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस आर्किटेक्चर में शामिल किया जा सकता है। आकाश इसमें शामिल हो जाता है तो यह ग्रीस के लिए एक अच्छा विकल्प साबित होगा।
आकाश की कीमत और रखरखाव में आसानी को भी ग्रीस के अधिकारी देख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि MIM-104 पैट्रियट और आयरन डोम जैसे सिस्टम की लागत को देखते हुए आकाश अच्छा विकल्प है। भारतीय डिफेंस सिस्टम को ग्रीस में लागत-प्रतिस्पर्धी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, जो S-300 की जगह ले सकता है।

भारत-ग्रीस के रक्षा संबंध

भारत और ग्रीस के बीच हालिया समय में संबंधों में बेहतरी आई है। खासतौर से दोनों ंमुल्कों में रक्षा संबंध सुधरे हैं। इस साल जनवरी में दोनों पक्षों ने मिलिट्री कोऑपरेशन प्रोग्राम 2026 पर साइन किए, जिसमें जॉइंट एक्सरसाइज और ट्रेनिंग शामिल है। सितंबर 2025 में दोनों देश नेवल एक्सरसाइज कर चुके हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 March 2026
वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह…
 07 March 2026
मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक 'बहुत बड़ी गलती' कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 07 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य…
 07 March 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहला पोस्ट आया है। इस पोस्ट में इजरायल को धमकी दी गई है। इसके साथ…
 06 March 2026
तेहरान/बीजिंग: अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी ने बुधवार को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। ईरान युद्ध के बीच ये हमला बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व रखता…
 06 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा…
 06 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश…
 06 March 2026
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके…
 05 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच 2 मार्च को किए गये यूरेनियन समझौते को लेकर चिंता जताई है। भारत और कनाडा ने एक ऐतिहासिक 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम…
Advt.