भोपाल में अटल आवास से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा:रीवा तक फैला प्रमिला का ठगी नेटवर्क, नौकरी दिलाने के नाम पर भी करते थे ठगी

Updated on 25-06-2026 02:10 PM
भोपाल, भोपाल में अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी के फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रमिला और उसके सहयोगियों का नेटवर्क केवल आवास योजना तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना के बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी भी की गई।

गिरोह कथित तौर पर वन विभाग, रेलवे, एसबीआई, पीडब्ल्यूडी, एम्स और नगर निगम जैसे विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को नौकरी का झांसा देता था।

जांच में सामने आया है कि भोपाल के नवीन सौंधिया को वन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 1997 बैच का आईएफएस अधिकारी और मुख्य वन संरक्षक दर्शाया गया, जबकि राजीव विश्वकर्मा को एसबीआई में क्लर्क की नौकरी का भरोसा दिलाया गया।

रीवा निवासी राकेश दुबे की बेटी से पांच लाख रुपए लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री के हस्ताक्षर वाला कथित नियुक्ति पत्र सौंपा गया। वहीं जबलपुर के हिमांशु और प्रियांशु, बैतूल की राधा तथा सतना के रविशंकर शर्मा को भी अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिए गए।

पुलिस के मुताबिक गिरोह युवाओं का भरोसा जीतने के लिए सरकारी दफ्तरों के बाहर मुलाकात करता था। वहां पहले से मौजूद लोग खुद को नौकरी लग चुका कर्मचारी बताकर विश्वास दिलाते थे।

करोंद निवासी राहुल विश्वकर्मा और नवीन सौंधिया से नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए लिए गए और उन्हें डेढ़ महीने तक सर्वे कार्य भी कराया गया ताकि पूरी प्रक्रिया असली लगे।

पुलिस का कहना है कि प्रमिला के पास युवाओं की शैक्षणिक जानकारी और मोबाइल नंबर मौजूद थे, जिनके आधार पर उन्हें सरकारी नौकरी का लालच देकर फंसाया जाता था।

टीटी नगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। मामले में मिली शिकायतों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

यह है पूरा पूरा मामला भोपाल की प्रवीण उर्फ प्रमिला तिवारी को टीटीनगर पुलिस ने 18 जून को जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला अटल आवास योजना के नाम पर फ्लैट दिलाने के झांसे से जुड़ा है।

कोटरा सुल्तानाबाद निवासी प्रतीक सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रमिला ने टीटीनगर स्थित अटल आवास योजना में 22 लाख रुपये का फ्लैट दिलाने का वादा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने अग्रिम राशि के रूप में 1.80 लाख रुपये ले लिए और भुगतान के बदले रसीदें व दस्तावेज भी दिए।

बाद में जांच में ये रसीदें और कागजात संदिग्ध व फर्जी पाए गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। जांच के दौरान धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर टीटीनगर पुलिस ने प्रमिला को गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि प्रमिला तिवारी पहले डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर घर में घुसकर चोरी करने का आरोप लगाकर भी चर्चा में रह चुकी हैं।

पुलिस मामले में अन्य शिकायतों और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।


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