अभ्यर्थी बोले- हमें अपना हक चाहिए, 1500 रुपए नहीं:1968 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक, फिर भी भर्ती बढ़ाने को तैयार नहीं सरकार

Updated on 16-06-2026 11:42 AM
भोपाल, एमपी में शिक्षक बनने का सपना लिए प्रदेश में शिक्षक भर्ती की दोनों परीक्षाओं को पास करने वाली सरिता कहती है कि हमसे सीएम के 1500 रुपये हर महीने नहीं चाहिए। हमें हमारा अधिकार चाहिए जिसके लिए हम योग्य हैं।

एक अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार ने शिक्षक भर्ती को पंचवर्षीय योजना बना दी है। 5 साल से ज्यादा हो गया है अभी नियुक्ति नहीं हुई। हमारी उम्र निकल रही है और सरकार नई भर्तियों की घोषणाएं कर रही है। हम क्या करें, अपनी डिग्रियों को आग लगाकर जला दें।

दूसरे अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार हमसे 10 से 14 हजार रुपए वेतन पर अतिथि शिक्षक के तौर पर काम करा रही है। जब स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो पद बढ़ाकर नियमित भर्ती क्यों नहीं की जा रही। हमें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भटकाया जा रहा है। 1 हजार 968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। शिक्षकों की कमी है फिर भी हमे नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है।

ये बातें पदवृद्धि की मांग को लेकर राजधानी में 10 से ज्यादा बार प्रदर्शन कर चुके शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने कही। सोमवार को अभ्यर्थियों ने आदिम जाति कल्याण विभाग से लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) तक प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने सड़क पर दंडवत लेटकर सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।

10 से ज्यादा बार कर चुके आंदोलन, फिर सड़क पर उतरे

शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) और वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) अभ्यर्थियों का कहना है कि पदवृद्धि की मांग को लेकर वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

अभ्यर्थियों के अनुसार 17 नवंबर 2025, 6 और 7 जनवरी, 13 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी, 9 और 10 फरवरी, 24 और 25 मार्च, 17 अप्रैल तथा 12 से 15 मई तक वे अलग-अलग चरणों में धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। 16 मई को डीपीआई के सामने भी हजारों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था।

विरोध दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखा, भूख हड़ताल की, मुंडन कराया और अपनी मार्कशीट तक जलाई, लेकिन इसके बाद भी उनकी मांगों पर फैसला नहीं हुआ।

पुलिस कार्रवाई का भी लगाया आरोप

अभ्यर्थियों का आरोप है कि 17 अप्रैल को मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए वे पॉलीटेक्निक चौराहे पर शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज हुई और पुलिस ने बल प्रयोग किया।

उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों को डंडे मारे गए, जिससे हाथ और उंगलियों में गंभीर चोटें आईं। कुछ अभ्यर्थियों के फ्रैक्चर तक हुए। महिला अभ्यर्थियों ने भी आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया।

प्रदेश में 1.15 लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली

अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है, इसके बावजूद पर्याप्त संख्या में भर्ती नहीं निकाली जा रही।

विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2 लाख 89 हजार 5 स्वीकृत शिक्षक पद हैं। इनमें से केवल 1 लाख 74 हजार 419 पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 15 हजार 678 पद खाली पड़े हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं तो भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि स्कूलों को शिक्षक मिल सकें और युवाओं को रोजगार।

एक शिक्षक और दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हजारों स्कूल

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के 83 हजार 514 विद्यालयों में से 1 हजार 968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं।

इसके अलावा 46 हजार 417 विद्यालय ऐसे हैं जहां सिर्फ दो शिक्षक कार्यरत हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर बताती है और सरकार को तत्काल पदवृद्धि करनी चाहिए।

क्या हैं अभ्यर्थियों की मांगें

  • माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-2) में प्रत्येक विषय में कम से कम 3 हजार पद बढ़ाए जाएं या कुल पद संख्या न्यूनतम 10 हजार की जाए।
  • वर्ग-2 भर्ती की दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
  • प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) में पदों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार की जाए।
  • वर्ग-3 भर्ती की दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए।
  • प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल 3 हजार 200 विशेष शिक्षक पदों को अलग भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
  • वर्तमान 13 हजार 89 पद केवल प्राथमिक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित रखे जाएं।
  • विशेष शिक्षकों के 3 हजार 200 पदों पर अलग से भर्ती निकाली जाए।

फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन होगा और बड़ा

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो उनका आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। उनका कहना है कि शिक्षक बनने के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे युवाओं को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, नियुक्ति और पदवृद्धि चाहिए।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.