भोपाल पुलिस पर अवैध हिरासत, थर्ड डिग्री और अपराधियों को छोड़ने के आरोप; फिर भी आधे थानों के CCTV बंद

Updated on 11-05-2026 05:59 PM

भोपाल। भोपाल में पुलिस की कार्यप्रणाली पहले से ही अवैध हिरासत, थर्ड डिग्री और अपराधियों को छोड़ने जैसे गंभीर आरोपों के घेरे में है। इसके बावजूद राजधानी के कई थानों और चौकियों में लगे सीसीटीवी कैमरे महीनों से बंद पड़े हैं।

स्थिति यह है कि शहर के करीब आधे थानों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब थानों के भीतर होने वाली गतिविधियां ही रिकॉर्ड नहीं होंगी, तो जवाबदेही तय कैसे होगी।

68 थाने-चौकियों में लगे थे कैमरे

पुलिस मुख्यालय की टेलीकॉम शाखा ने थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव का ठेका टीसीआईएल के माध्यम से नागपुर की एक निजी कंपनी को दिया था। आरोप है कि कंपनी ने समय पर मेंटेनेंस नहीं किया और बाद में काम ही बंद कर दिया।

इसके बाद कैमरों की मरम्मत और निगरानी की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस पर आ गई। शहर के 68 थानों और चौकियों में सीसीटीवी सिस्टम लगाया गया था। प्रत्येक थाने में औसतन 13 और चौकियों में 6 कैमरे लगाए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट और मानव अधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार लॉकअप, पूछताछ कक्ष, प्रवेश द्वार और आम आवाजाही वाले हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य हिरासत में प्रताड़ना और अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखना था।

इन थानों में ज्यादा परेशानी

महिला थाना, कमला नगर, अयोध्या नगर, पिपलानी और अशोका गार्डन सहित कई थानों में कैमरे लंबे समय से बंद बताए जा रहे हैं। कहीं शॉर्ट सर्किट, कहीं हाई वोल्टेज से एडॉप्टर जलने और कहीं नेटवर्क सिस्टम खराब होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

इसके चलते लाइव मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग दोनों प्रभावित हो रही हैं।

पुलिस खुद करा रही सुधार कार्य

मेंटेनेंस कंपनी के काम छोड़ने के बाद जिला पुलिस अपने स्तर पर सिस्टम सुधारने में जुटी है। कहीं स्थानीय तकनीशियन बुलाकर एडॉप्टर बदले जा रहे हैं तो कहीं इंटरनेट कनेक्टिविटी दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खराबी आने पर ऑनलाइन टिकट जनरेट की जाती है, लेकिन समाधान में काफी समय लग रहा है।

क्यों गंभीर है मामला?

• हिरासत में पूछताछ की रिकॉर्डिंग प्रभावित

• थर्ड डिग्री और मारपीट के आरोपों की जांच मुश्किल

• फरियादियों और आरोपितों की सुरक्षा पर सवाल

• थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही कमजोर

बीते महीनों में उठ चुके हैं सवाल

जनवरी 2026 में शाहपुरा थाने में एक युवक को पांच दिन तक अवैध हिरासत में रखने के आरोप लगे थे। इसी दौरान आरोपित पुलिस को चकमा देकर थाने से फरार हो गया था।

वहीं पिछले महीने एक युवक ने टीटीनगर पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया था। शिकायत में उसने कहा था कि उसके पैरों में पिन चुभाई गई और बेरहमी से मारपीट की गई।

इसके अलावा पिछले महीने देहात क्षेत्र में तत्कालीन एसपी रामशरण प्रजापति ने थाने से अपराधियों को छोड़ने के आरोप में नजीराबाद थाना प्रभारी अरूण शर्मा को निलंबित किया था।

सुप्रीम कोर्ट की तीन अहम गाइडलाइन:

डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (1997):

हिरासत में यातना और मौत के मामलों में पारदर्शिता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए।

परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020):

हर थाने, लॉकअप और पूछताछ कक्ष में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए।

शफी मोहम्मद बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य (2018):

पुलिस थानों में तकनीक आधारित निगरानी और पारदर्शिता पर जोर दिया गया।

कुछ थानों में कैमरों के बंद होने की शिकायत है। इसके लिए टीमें तुरंत जाकर सुधार कार्य करती हैं। कहीं भी पूरी तरह से सिस्टम बंद नहीं है। - वीके सिंह, एसपी, रेडियो



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
भोपाल, दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री…
 22 July 2026
मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से नाराज मध्य प्रदेश बस ओनर्स…
 22 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाए हैं।विधानसभा में सरकार के जवाब का हवाला…
 22 July 2026
भोपाल। आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज के झांसे में आकर भोपाल गए सागर जिले के एक किसान की गलत ब्लड चढ़ाने के कारण मौत हो गई।मृतक 46 वर्षीय ब्रह्मानंद सिंह…
 22 July 2026
भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्पष्ट किया है कि नदियों में दूध अर्पित करना लोगों की आस्था का विषय है और इसके खिलाफ देश में कोई निषेधात्मक कानून नहीं…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में…
 22 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2018 के मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स में संशोधन करके…
 22 July 2026
 भोपाल। कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन, पहाड़ी और पेड़ों की कटाई के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन…
 22 July 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन का सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शाहपुरा तालाब किनारे डाला…
Advt.