रात ढलते ही नशेड़ियों का अड्डा बन जाती है भोपाल एम्स की पार्किंग, डर में कटती है अटेंडेंट की रात, महिलाओं-बुजुर्गों में दहशत

Updated on 17-06-2026 01:01 PM

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पूरे मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा और भरोसेमंद सरकारी अस्पताल है। यहां बेहतर और सुरक्षित इलाज की उम्मीद में प्रतिदिन चार हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। लोग प्रदेश के दूर-दराज के जिलों से इस उम्मीद के साथ यहां आते हैं कि उन्हें एक सुरक्षित माहौल मिलेगा। लेकिन नवदुनिया पड़ताल में एम्स परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की एक बेहद डरावनी और अलग ही तस्वीर सामने आई है।

अस्पताल की पार्किंग रात ढलते ही नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा बन जाती है, जिससे यहां रात गुजारने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एम्स भोपाल की पार्किंग में शराब और बीयर की बोतलें मिलीं।

रात होते ही बदल जाता है अस्पताल का माहौल

दिन के समय जिस पार्किंग में मरीजों और डाक्टरों के वाहनों की लंबी कतारें होती हैं, रात के अंधेरे में वहां का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। अंधेरे और सन्नाटे का फायदा उठाकर नशेड़ी यहां अपना डेरा जमा लेते हैं। जो गरीब और मजबूर परिजन अपने मरीजों की देखभाल के लिए अस्पताल परिसर या पार्किंग के आसपास रात गुजारने को विवश होते हैं, वे पूरी रात दहशत के साए में रहते हैं। नशेड़ियों की गाली-गलौज, शोर-शराबे और असभ्य व्यवहार के कारण खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी असहजता का सामना करना पड़ता है।

पहले भी इमरजेंसी के बाहर हो चुका है हंगामा

एम्स जैसे संवेदनशील संस्थान में यह कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी रात के समय अस्पताल की इमरजेंसी (कैजुअल्टी) के बाहर शराबियों और असामाजिक तत्वों ने जमकर हंगामा किया था। उस घटना से मरीजों में अफरा-तफरी मच गई थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों ने कोई ठोस सबक नहीं लिया।

तीमारदारों ने साझा किया अपना दर्द

तीमारदारों का दर्द है कि वे अपने बीमार अपनों की चिंता करें या इन नशेड़ियों से खुद की हिफाजत करें। गार्ड बेपरवाह, पुलिस की गश्त पूरी तरह नदारदइतनी बड़ी स्वास्थ्य संस्था होने के बावजूद यहां की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध नजर आती है। पार्किंग और अस्पताल परिसर के आसपास तैनात निजी सुरक्षा गार्ड इस समस्या की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देते। वे नशेड़ियों को रोकने या टोकने की जहमत नहीं उठाते।

दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस की गश्त भी रात के समय नदारद रहती है, जिसके कारण इन असामाजिक तत्वों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं। पुलिस का खौफ न होने से ये लोग खुलेआम अस्पताल परिसर का माहौल बिगाड़ते हैं।

गार्ड ने खुद खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोलएम्स की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रात के समय पार्किंग और आसपास के सुनसान इलाकों में नशेड़ी अक्सर आकर बैठ जाते हैं। अगर हम उन्हें टोकते हैं या वहां से जाने को कहते हैं, तो वे विवाद और हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस का नियमित राउंड नहीं होता और न ही इमरजेंसी में तुरंत बैकअप मिलता है, इसलिए हम लोग भी इनसे उलझने से बचते हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.