एक्ट्रेस ट्विशा केस-कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज की

Updated on 21-05-2026 11:53 AM
भोपाल, एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में भोपाल कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए, जहां उसे डीकंपोज होने से बचाया जा सके।

इधर, मध्य प्रदेश सरकार CBI जांच के लिए केंद्र को पत्र लिखेगी। साथ ही, ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की जमानत रद्द कराने के लिए भी आवेदन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को ट्विशा के परिजन से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया।

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ CM से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवार की हर संभव मदद करेगी। अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी।

उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग उठाई है। ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।

सेकंड पीएम के लिए हाईकोर्ट जाएंगे ट्विशा के परिजन

न्यायाधीश अनुदिता गुप्ता की कोर्ट ने आदेश में लिखा कि प्रदेश के बाहर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति देना उनके अधिकार क्षेत्र की बात नहीं है। लिहाजा, कटारा हिल्स थाने के एसएचओ को बॉडी प्रिजर्व कराने के लिए आदेशित किया जाता है। भोपाल एम्स की जिस मर्चुरी में बॉडी को रखा गया है, वहां केवल मायनस 4 डिग्री तापमान में शव रखने की सुविधा है। इससे बॉडी अधिकतम 4-5 दिन ही सर्वाइव कर सकती है।

कोर्ट ने लिखा, ‘लंबे समय तक बॉडी को प्रिजर्व करने के लिए मायनस 80 डिग्री टेम्परेचर में रखना आवश्यक है।’

ट्विशा के परिजन अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उसकी सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की ओर से भी कोर्ट में लिखित आवेदन पेश किया गया है। इसमें उन्होंने सेकंड पोस्टमॉर्टम कराने पर सहमति जाहिर की है।

कोर्ट ने कहा- भोपाल एम्स में हुआ पहला पोस्टमार्टम नियमों के अनुसार

कोर्ट ने कहा- एम्स भोपाल में हुआ पहला पोस्टमॉर्टम नियमों के अनुसार किया गया था। मेडिकल टीम और आरोपियों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत का कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। केवल आशंकाओं के आधार पर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराना उचित नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए हैं। उधर, पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने समर्थ की गिरफ्तारी पर इनाम की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार कर दी है।

रिटायर्ड जज को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए पत्र लिखा

ट्विशा के परिजन ने रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की है। इसके लिए राज्यपाल डॉ. मंगू भाई पटेल को पत्र भेजा गया है।

परिजनों का कहना है कि गिरीबाला सिंह पर दहेज हत्या की FIR दर्ज है, इसलिए उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। गिरीबाला फिलहाल डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं।


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