MP के 52 लाख विद्यार्थी यूनीफॉर्म का कर रहे इंतजार, 350 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया अटकी

Updated on 30-06-2026 04:31 PM

भोपाल। प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल भी लौट आई है। स्कूलों में विद्यार्थी रंग-बिरंगे गणवेश में पहुंच रहे हैं। इनमें नए प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। हालांकि इस बार भी लाखों विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर स्कूल गणवेश नहीं मिल पाएगा।

स्कूल खुलने के बावजूद पहली से आठवीं कक्षा तक के करीब 52 लाख विद्यार्थियों को सिली-सिलाई गणवेश के लिए अक्टूबर या नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा।इस वर्ष शासन ने गणवेश वितरण की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए विद्यार्थियों के खातों में राशि भेजने के बजाय सीधे सिली-सिलाई गणवेश उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम को सौंपी है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में भी नहीं पहुंची है, जिससे गणवेश वितरण का काम प्रभावित होने की आशंका है।

जल्द पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया

बता दें, कि दो वर्ष पूर्व भी सरकार ने विद्यार्थियों को सिली-सिलाई ड्रेस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। उस समय कपड़े की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के नाप को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद पिछले साल 600 रुपये विद्यार्थियों के खाते में दिए गए। मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के महाप्रबंधक संजीव त्यागी का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।

टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई

मप्र पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा गणवेश आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में प्री-बिड बैठक के दौरान वेंडरों की ओर से उठाए गए दावे, आपत्तियां और तकनीकी सवालों पर चर्चा चल रही है। निगम ने इच्छुक कंपनियों से छह जुलाई तक गणवेश के नमूने और कपड़े की गुणवत्ता संबंधी लैब रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद सात जुलाई को टेंडर खोले जाने का प्रस्ताव है।

1.40 करोड़ गणवेश तैयार करने की चुनौती

प्रदेश के लगभग 52 लाख विद्यार्थियों के लिए दो-दो सेट गणवेश सिलवाए जाने हैं। इस हिसाब से करीब 1.40 करोड़ गणवेश तैयार कर उनका वितरण किया जाएगा। टेंडर स्वीकृति, उत्पादन, सिलाई और परिवहन जैसी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को देखते हुए विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि विद्यार्थियों तक गणवेश अक्टूबर या नवंबर में ही पहुंच पाएंगे।

350 करोड़ रुपये होंगे खर्च

प्रदेश में पहली से आठवीं कक्षा तक 25 लाख 32 हजार 674 छात्र और 26 लाख 70 हजार 772 छात्राएं अध्ययनरत हैं। छात्राओं की संख्या छात्रों से 1 लाख 38 हजार 98 अधिक है। सभी विद्यार्थियों को दो सेट गणवेश उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च करेगी।



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