
बालोद। सामान्य मौलिक लेखांकन त्रुटियों को कम करने, वित्तीय और लेखा नियमों को अवगत कराने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के नए पहल के आलोक में तथा प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में लेखांकन एवं सामान्य भविष्य निधि से संबंधित विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, कोषालय अधिकारी तथा राज्य शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में बालोद जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को लेखांकन संबंधी मौलिक त्रुटियों के निराकरण तथा जीफीएफ भुगतान में तीव्रता लाने के लिए प्रतिनिधियों द्वारा आवश्यक सुझाव पावर प्वाईंट के माध्यम से प्रस्तुत किए गए। इस दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारी तथा इस कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी शंकाओं का भी समाधान इस कार्यशाला में किया। कार्यशाला में उप महालेखाकार एम एस डहरिया, सहायक लेखा अधिकारी के एस कल्याण राम, अनुपम सिह, रमेश सिंह एवं उप संचालक वित्त डीके चैबे, जिला कोषालय अधिकारी मुकुंद भारद्वाज, संभागीय लेखा अधिकारी नेमेन्द्र देशमुख, सहायक कोषालय अधिकारी रोशन, सोमेश सोरी, टीएल पिस्दा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित लेखा अधिकारी उपस्थित थे।