निर्मला सीतारमण के बजट ने किसे बनाया अमीर या किसकी कट गई जेब, जानिए पूरी डिटेल
Updated on
24-07-2024 05:11 PM
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का फुल बजट पेश किया। उन्होंने इसमें टैक्सपेयर्स को कई तरह की राहत दी है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। साथ ही टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है। लेकिन इसका फायदा केवल न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले टेक्सपेयर्स को मिलेगी। पुराने टैक्स रिजीम वाले टैक्सपेयर्स को कोई फायदा नहीं होगा। सवाल उठता है कि यह बजट आपको अमीर बनाता है या आपकी जेब काटता है? इसका जवाब आपकी इनकम, टैक्स रिजीम और आपके इनवेस्टमेंट पर निर्भर करता है।
नई व्यवस्था के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स स्लैब में बदलाव के बाद यदि आपकी सालाना इनकम 7.75 लाख रुपये से कम है, तो आपकी टैक्स लायबिलिटी जीरो हो सकती है। तीन लाख रुपये तक टैक्स जीरो है। तीन लाख रुपये से 7 लाख रुपये के बीच टैक्स रेट 5% है। इसका मतलब है कि 7 लाख रुपये पर आपकी लायबिलिटी 20,000 रुपये होगी। लेकिन आप धारा 87ए के तहत 25,000 रुपये की छूट के हकदार होंगे, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ें तो 7.75 लाख रुपये तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
नया टैक्स रिजीम
अगर आपकी सालाना इनकम 10 लाख रुपये या उससे अधिक है तो न्यू टैक्स रिजीम में आपको 17,500 रुपये का फायदा होगा। टैक्स में कमी से हेल्थ और एजुकेशन सेस भी कम हो जाता है। इससे आप 700 रुपये (17,500 रुपये का 4%) और बचा सकते हैं। इस तरह आपकी कुल बचत 18,200 रुपये हो जाती है। अगर आपकी सालाना इनकम 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच है, तो आप सरचार्ज पर 1,750 रुपये (17,500 का 10%) बचाएंगे। इससे आपकी कुल बचत 20,020 रुपये हो जाएगी। इसी तरह सालाना एक से 2 करोड़ रुपये के बीच इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 15% सेस के साथ 20,930 रुपये की बचत होगी। डिविडेंड और कैपिटल गेन को छोड़कर 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बीच 25% सेस का मतलब है कि आपकी कुल बचत 22,750 रुपये होगी। डिविडेंड और कैपिटल गेन को मिला लिया जाए तो 15% सेस के साथ आप 20,930 रुपये बचाएंगे।
पुराना टैक्स रिजीम
अगर आपने पुराने टैक्स रिजीम को चुना है तो बजट में की गई घोषणाओं से आपके टैक्स कैल्कुलेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन कैपिटल गेन में हुई बदलाव के कारण आप नुकसान में रह सकते हैं। उदाहरण के लिए इक्विटी पर शॉर्टटर्म गेन पर अब 15% के बजाय 20% टैक्स लगेगा। यदि आप एक साल में शेयरों की खरीद-फरोख्त से 2 लाख रुपये कमाते हैं, तो आपको 30,000 रुपये के बजाय 40,000 रुपये देने होंगे। इसी तरह दो साल से अधिक समय तक रखी गई प्रॉपर्टी की बिक्री पर भी आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। इसमें होने वाले फायदे पर अब 20% के बजाय 12.5% टैक्स लगेगा। लेकिन इसमें पेच यह है कि आपको इनडेक्सेशन बेनिफिट का फायदा नहीं मिलेगा।
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