ई-कॉमर्स का असर नहीं
एनारॉक ने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव के बावजूद भारतीय रिटेल कितना मजबूत है। भारत में ऑनलाइन रिटेल की पैठ लगभग 8 प्रतिशत है, जो अमेरिका और चीन के 20 प्रतिशत से ज्यादा के स्तर से काफी कम है। इससे फिजिकल रिटेल को डिजिटल चैनलों के साथ मिलकर चलने और यहां तक कि उनसे फायदा उठाने का मौका मिल रहा है।एनारॉक के अनुसार, भारत साल 2030 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की खपत वाली अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। यह अंतरराष्ट्रीय खुदरा विक्रेताओं और निवेशकों के लिए एक बड़े विकास बाजार के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा जो लंबी अवधि के अवसरों की तलाश में हैं।



