कैसा हो सकता है आईपीओ
जेफरीज ने कहा कि चूंकि जियो कैपेक्स के पीक फेज से निकल चुकी है, इसलिए पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल हो सकता है। हालांकि, आईपीओ का 35% हिस्सा खुदरा खंड के लिए आरक्षित है। इसके लिए बड़ी संख्या में खुदरा निवेशकों को मोबिलाइज करने की आवश्यकता होगी। अगर जियो को रिलायंस से स्पिन-ऑफ किया जाता है तो जेफरीज के मुताबिक रिलायंस के शेयर की फेयर वैल्यू 3,580 रुपये होगी जो उसकी मौजूदा कीमत से 15% अधिक है। अगर आईपीओ आता है तो 20% होल्डिंग डिस्काउंट पर विचार करने के बाद कंपनी की फेयर वैल्यू बेस केस में 3,365 रुपये रह जाएगी।इस साल रिलायंस के शेयरों में 22% से अधिक तेजी आई है। पिछले सोमवार को यह बीएसई पर 3,217.9 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था।



