'भारत जैसे बड़े देश के साथ कड़वे रिश्ते नहीं चाहते', बांग्लादेश से यूनुस ने द‍िया सुलह का संकेत

Updated on 24-12-2025 02:21 PM
ढाका: बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार आखिरकार भारत के साथ सुलह के मूड में आती दिखाई दे रही है। बांग्लादेश के वित्तीय सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने मंगलवार को कहा कि अंतरिम प्रशासन का भारत के साथ संबंधों को खराब करने का कोई इरादा नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विरोध प्रदर्शनों और वीजा सेवाओं को रद्द करने से दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस व्यक्तिगत रूप से संबंधों को सामान्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

हालिया तनाव के बीच यह बांग्लादेश की तरफ से सुलह का पहला संकेत है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में वित्त सलाहकार अहमद वित्त मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। उनका बयान मंगलवार को बांग्लादेश द्वारा भारत से चावल खरीद की मंजूरी के बाद आया है। सचिवालय में पत्रकारों से बात करते हुए सालेहुद्दीन अहमद ने कहा, 'मौजूदा अंतरिम सरकार भारत जैसे बड़े पड़ोसी के साथ किसी भी तरहके कड़वे रिश्ते नहीं चाहती। बल्कि सरकार का मुख्य लक्ष्य द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करना और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है।'

रिश्ते सुधारने पर यूनुस खुद कर रहे काम

सालेहुद्दीन ने आगे बताया कि तनाव कम करने और नई दिल्ली के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस खुद काम कर रहे हैं। ढाका स्थित बांग्ला भाषा के अखबार देश रूपांतर के अनुसार, वित्त सलाहकार ने कहा कि अंतरिम सरकार किसी भी हालत में भारत के साथ संबंधों को खराब नहीं होने देना चाहती है।
बांग्लादेश में कुछ नेताओं की भारत विरोधी बयानबाजी के बारे में बात करते हुए मोहम्मद सालेहुद्दीन ने कहा कि ये टिप्पणियां राजनीतिक थीं और अंतरिम प्रशासन की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनुस प्रशासन भारत के साथ स्थिर संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

बांग्लादेश का आर्थिक संबंधों पर जोर

भारत से 50000 मीट्रिक टन चावल आयात की मंजूरी की पुष्टि करते हुए अहमद ने बताया कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति का असर व्यापार या आर्थिक सहयोग पर नहीं पड़ेगा। चावल आयात को उन्होंने ऐसा कदम बताया जो आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरी चीजों के आयात में कोई बाधा नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि अंतरिम प्रशासन स्थिति को सावधानी से संभाल रहा है और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देकर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 March 2026
वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह…
 07 March 2026
मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक 'बहुत बड़ी गलती' कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 07 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य…
 07 March 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहला पोस्ट आया है। इस पोस्ट में इजरायल को धमकी दी गई है। इसके साथ…
 06 March 2026
तेहरान/बीजिंग: अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी ने बुधवार को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। ईरान युद्ध के बीच ये हमला बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व रखता…
 06 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा…
 06 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश…
 06 March 2026
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके…
 05 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच 2 मार्च को किए गये यूरेनियन समझौते को लेकर चिंता जताई है। भारत और कनाडा ने एक ऐतिहासिक 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम…
Advt.