अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बायजूस को लोन-डिफॉल्ट का दोषी बताया

Updated on 24-09-2024 05:35 PM

अमेरिका की डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट ने बायजूस को 1.5 बिलियन डॉलर लोन के लिए डिफॉल्ट करने का दोषी ठहराने के फैसले को बरकरार रखा है। इसके कारण वित्तीय संकट से जूझ रही एडटेक कंपनी बायजूस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, चांसरी कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए बायजू को 1.2 बिलियन डॉलर का डिफॉल्टर माना गया था।

इस फैसले पर अब डेलावेयर कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। बायजूस के लेंडर्स (उधार देने वाले) ने अपने प्रशासनिक एजेंट ग्लास ट्रस्ट के जरिए ‘डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी’ में एक मामला दर्ज किया, जिसमें उन्होंने बायजूस पर कर्ज समझौते के तहत पेमेंट नहीं करने का आरोप लगाया था।

डेलावेयर कोर्ट के फैसले के बाद बायजूस के लेंडर्स (उधार देने वाले) अब अपनी पूरी रकम वापस मांग सकते हैं। वह बायजूस की US कंपनी बायजूस अल्फा इंक का कंट्रोल भी अपने हाथ में ले सकते हैं।

टर्म लोन लेंडर्स की समिति बोली- बायजूस ने जानबूझकर लोन एग्रीमेंट का उल्लंघन किया टर्म लोन लेंडर्स के ग्रुप की संचालन समिति के बयान के अनुसार, बायजूस के फाउंडर और CEO बायजू रवींद्रन और उनके भाई रिजु रवींद्रन ने खुद माना है कि बायजूस ने अक्टूबर 2022 तक लोन पेमेंट में देरी की थी।

समिति ने कहा- हम इस बात से खुश हैं कि डेलावेयर के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णायक रूप से उस बात की पुष्टि की है जिसे हम पहले से ही जानते थे। कि बायजूस ने जानबूझकर लोन एग्रीमेंट का उल्लंघन किया और उसे पूरा नहीं किया।

डेलावेयर कोर्ट के फैसले का भारत की कार्यवाही पर कोई असर नहीं डेलावेयर कोर्ट से झटका लगने के बाद बायजू ने सफाई जारी की है। कंपनी ने कहा है कि डेलावेयर कोर्ट के फैसले का भारत में चल रही कार्यवाही पर कोई असर नहीं होगा। ग्लास ट्रस्ट की कार्रवाई की वैधता अब भी न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। थिंक एंड लर्न्स की इनसॉल्वेंसी प्रोसेस में ग्लास CoC का सदस्य नहीं है और न ही ग्लास का अमेरिका में कोई लीगल स्टेटस है और न ही भारत में कोई अधिकार है।

5 बड़ी बातें जो बायजूस के साथ बीते दिनों हुई

  • बायजूस शेयरहोल्डर्स ने पिछले महीने रवींद्रन को CEO पद से हटाने और पत्नी दिव्या और भाई रिजु को भी हटाने के लिए वोटिंग की थी।
  • दिसंबर महीने में बायजू रवींद्रन ने एम्प्लॉइज को सैलरी देने के लिए अपने घर के साथ-साथ अपने फैमिली मेंबर्स का घर भी गिरवी रखा था।
  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बायजूस के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू की। बायजूस पर ₹158 करोड़ के पेमेंट में चूक का आरोप है।
  • ED ने 9,000 करोड़ से अधिक के FEMA उल्लंघन मामले में नोटिस भेजा। फॉरेन करेंसी फ्लो को लेकर 1999 में FEMA बना था।
  • गुरुग्राम ऑफिस का रेंट पेमेंट न करने पर कर्मचारियों को प्रॉपर्टी मालिक ने बाहर कर दिया। उनके लैपटॉप जब्त कर लिए।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे न सिर्फ ऑयल एक्सपोर्ट करने में मुश्किल हो रही है, बल्कि…
 29 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 1,500 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की…
 29 April 2026
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की 3034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसके साथ…
 29 April 2026
नई दिल्ली: जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ( Sridhar Vembu ) की ओर से अमेरिका में बसे भारतीयों से वतन वापसी की अपील के बाद एक नई बहस छिड़ गई…
 29 April 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पसंदीदा टैरिफ (आयात शुल्क) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद अब एक नया रास्ता निकाला है। ट्रंप प्रशासन अब…
 29 April 2026
नई दिल्ली: दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी का सालाना प्रॉफिट 10 अरब…
 29 April 2026
 देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन की राह आसान करने वाला संगठन है नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)। इसका कहना है कि जैसे-जैसे इसका उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों के…
 29 April 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में बुधवार को जबरदस्त तेजी आई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा उछल गया। वहीं बंधन बैंक के शेयर में 12 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया।…
 28 April 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट का असर भारत में सिर्फ कच्चे तेल या गैस तक सीमित नहीं है। खाड़ी देशों से आने वाली खाद यानी उर्वरक पर भी इसका असर दिखाई…
Advt.