
रायपुर। अच्छी शिक्षा व जियो और जीने दो भगवान महावीर स्वामी के उपदेशों को चरितार्थ करते विनय मित्र मण्डल द्वारा विनय विद्या मंदिर का संचालन पचपेड़ी नाका में विगत 30 वर्षों से किया जा रहा है। पी पी वन से पांचवी तक बच्चों को राष्ट भाषा हिन्दी पाठ्यक्रम अनुसार अच्छी शिक्षा देना मुख्य उद्देश्य है।
विनय मित्र मण्डल के संस्थापक महेन्द्र कोचर व पूर्व अध्यक्ष खेमराज बैद ने बताया कि बच्चों को प्रतिवर्ष न्यूनतम दर पर गणवेश, जूता मोजा दिया जाता है। साथ ही ठण्ड के मौसम आरम्भ होते ही बाल दिवस पर सभी बच्चों को रत्नेश अग्रवाल के सौजन्य से बेस्ट क्वलिटी के स्वेटर वितरित किए गए। स्वेटर वितरण समारोह में रत्नेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं, बच्चों की शिक्षा में सहभागी बनने का सुअवसर ईश्वर की पूजा समान है। विनय मित्र मण्डल द्वारा पचपेड़ी नाका में जयपुर पैर के स्थायी वर्कशॉप का संचालन विगत 40 वर्षों से सतत किया जा रहा है। पैर कटे भाई बहनों का नाप लेकर कृत्रिम जयपुरिया पैर बनाकर निःशुल्क दिया जाता है । दिव्यांग व सहयोगी भाई बहनों के आवास व भोजन की निःशुल्क व्यवस्था संस्था द्वारा रखी गई है ।