छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों की कश्मीर में हत्या:आतंकियों ने नाम पूछकर हिंदुओं की पहचान की, फिर गोली मारी

Updated on 01-08-2026 12:20 PM
रायपुर, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और नाम जानने के बाद हिंदुओं को अलग कर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताया है।

अधिकारियों के अनुसार, हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम में हुआ। मारे गए युवक की पहचान दीपक रात्रे (24) और भूपेंद्र (28) के रूप में हुई है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल घटना स्थल की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

दीपक रात्रे सक्ती जिले के बुंदेली गांव और भूपेंद्र भैना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के रहने वाले थे। घटना के बाद दोनों गांवों में मातम पसरा है। दीपक अपनी मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और 2 वर्षीय बेटे का इकलौता सहारा था। वहीं भूपेंद्र अपने पीछे 2 साल का बेटा, बहन और दादी को छोड़ गए हैं। प्रशासन दोनों के पार्थिव शरीर को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया में जुटा है।

रोजगार की तलाश में जम्मू गया था दीपक

सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे करीब एक साल पहले पत्नी और भाई के साथ रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे, जहां ईंट भट्ठे में मजदूरी करते थे। आतंकी हमले में उनकी मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया।

प्रशासन ने परिजनों को जानकारी दे दी है और पार्थिव शरीर को सक्ती लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मां, दिव्यांग भाई, पत्नी-बेटे का इकलौता सहारा था

दीपक रात्रे (21) करीब एक साल पहले पत्नी और भाई के साथ मजदूरी के लिए जम्मू-कश्मीर गया था। वहां तीनों एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे। दीपक अपनी मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और 2 वर्षीय बेटे का इकलौता सहारा था।

ग्रामीणों ने बताया कि परिवार की रोजी-रोटी की जिम्मेदारी दीपक पर ही थी। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। इधर, मृतक के नाना दिलहरण सांडे और मामा शंकरलाल सांडे ने छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर सरकार से परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

भूपेंद्र अपने पीछे 2 साल का बेटा, बहन और दादी को छोड़ गए

सारंगढ़ के छुईहा गांव के सरपंच धनीराम बंजारे के मुताबिक भूपेंद्र भैना और उसकी पत्नी काम की तलाश में 3 महीने पहले कश्मीर गए थे, घर में उनका एक 2 साल का बेटा, उनकी बहन और दादी रहती है। वहीं भूपेंद्र की मौत की खबर के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई है।

नाम पूछकर दो हिंदुओं को टारगेट किया

पुलिस के मुताबिक, यह हमला पहलगाम की तर्ज पर हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया कि आतंकियों ने पहले प्रवासी मजदूरों के नाम पूछे। फिर दो हिंदुओं को समूह से अलग कर नजदीक से गोली मार दी।

घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ यही दोनों थे। आतंकी हमले की खबर के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। वहीं पुलिस की गाड़ियां आतंकियों की तलाश में जुट गई हैं।

रेकी कर निशाना चुना, 3-4 राउंड फायर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईंट भट्ठे पर हमला रात करीब 8:30 बजे हुआ। इस दौरान 3 से 4 राउंड फायरिंग की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आतंकियों ने हिंदू मजदूरों को निशाना बनाने के लिए रेकी कर ये इलाका चुना था।

कश्मीर में अगस्त से नवंबर तक सेब की तुड़ाई का मौसम रहता है। ऐसे में श्रमिकों पर हमला आने वाले दिनों में बागवानों की दिक्कतें भी बढ़ा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियों को हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी के शामिल होने का संदेह है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ पर है। वह पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा/द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में शामिल हुआ था। मामले की जांच जारी है। अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सीएम साय ने बताया कायराना हरकत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के हताहत होने की खबर अधित पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मृतक श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं, राज्य सरकार जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संपर्क में है। पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

10 दिन पहले पुलिस जवान पर हुआ था आतंकी हमला

10 दिन पहले ऐसा ही एक आतंकी हमला अनंतनाग के लाल चौक इलाके में 21 जुलाई को हुआ था। आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी, जिसमें एक हेड कॉन्स्टेबल शहीद हो गया था।

अचानक हुए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से फायरिंग के दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 September 2026
कोरबा । कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों, टीएल मामलों, जनशिकायतों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा…
 16 September 2026
कोरबा । प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की 25 वर्षों की जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा के प्रति सम्मान, आभार और स्नेह व्यक्त करने के लिए 17 सितंबर को शाम 7…
 16 September 2026
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन अवसर पर मंगलवार को संवत्सरी महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों…
 16 September 2026
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…
 16 September 2026
बिलासपुर । शहर की रहने वाली श्रीमती गंगा साहू के जीवन में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित ’’दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’’ ने सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना का…
 16 September 2026
बिलासपुर । जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों में सहयोग के उद्देश्य से राइस मिल एसोसिएशन, बिलासपुर द्वारा जिला रेडक्रॉस सोसायटी को 5 लाख रुपए की सहयोग राशि…
 16 September 2026
बिलासपुर ।  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज  वीसी के जरिए बिलासपुर में  ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने…
 16 September 2026
बिलासपुर । कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं…
 16 September 2026
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…
Advt.