धरा रह जाएगा ट्रंप का टैरिफ, तेज रफ्तार से दौड़ती रहेगी भारत की इकॉनमी... किसने किया यह दावा
Updated on
21-05-2025 01:45 PM
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए हैं। हालांकि इसमें अभी 90 दिन की मोहलत दी गई है लेकिन भारत पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा। Moody's की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत टैरिफ से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के टैरिफ और दुनियाभर में व्यापार में हो रही दिक्कतों का असर भारत पर कम होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यहां सामान का निर्यात कम होता है। भारत पर कम असर इसलिए होगा क्योंकि भारत का अमेरिका के टैरिफ से सीधा संपर्क कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत कई तरह की चीजें दूसरे देशों को बेचता है, जिससे उसे फायदा होता है। भारत की अपनी अर्थव्यवस्था भी बहुत बड़ी है। इसलिए भारत को दूसरे देशों को सामान बेचने पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता। इसमें भारत की कोई खास कमजोरी नहीं बताई गई है लेकिन इसमें कहा गया है कि भारत के पास खासकर बंदरगाहों के मामले में अच्छे मौके हैं। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां China+1 की रणनीति चल रही हैं। इसका मतलब है कि कंपनियां पूरी तरह चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहती हैं बल्कि दूसरे देशों से भी अपना सामान मंगवाना चाहती हैं। इससे भारत के बंदरगाहों को फायदा हो सकता है क्योंकि कंपनियां चीन के अलावा भारत से भी सामान मंगवा सकती हैं।
भारत की इकॉनमी
मूडीज का कहना है कि भारत सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं से लोगों का खर्च बढ़ेगा, देश में सामान बनाने की क्षमता बढ़ेगी और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ेगा। इससे अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में मदद मिलेगी। महंगाई कम होने से ब्याज दरें भी कम हो सकती हैं। इससे भी विकास को सहारा मिलेगा। बैंकों के पास पर्याप्त पैसा है, जिससे वे आसानी से लोन दे सकते हैं। मूडीज़ ने कहा, 'भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर कम निर्भरता इसे बाहरी झटकों को सहने की बेहतर स्थिति में रखती है।'
रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की भी बात की गई है। मूडीज़ का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा पड़ेगा। भारत के मुख्य आर्थिक केंद्र संघर्ष क्षेत्र से दूर हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार भी ज्यादा नहीं होता है। हालांकि अगर तनाव बढ़ता है तो भारत को रक्षा पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। इससे सरकार के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में दिक्कत आ सकती है।
क्यों नहीं होगा असर
मूडीज ने यह भी माना है कि ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर टैरिफ को दिक्कत हो सकती है जो अमेरिका को निर्यात करते हैं। लेकिन भारत का सर्विस सेक्टर मजबूत है और अर्थव्यवस्था घरेलू बाजार पर ज्यादा निर्भर है। इसलिए भारत पर ज्यादा असर नहीं होगा। इस महीने की शुरुआत में मूडीज ने भारत के 2025 के विकास का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.3% कर दिया है। लेकिन फिर भी यह G-20 देशों में सबसे ज्यादा है। अप्रैल में अमेरिका ने कुछ चीजों पर नए टैरिफ लगाए थे। हालांकि बाद में इसे 90 दिनों के लिए रोक दिया गया। बेस टैरिफ अभी भी 10% है। लेकिन कुछ सेक्टर जैसे स्टील और एल्यूमीनियम पर अभी भी ज्यादा टैक्स लग रहा है।
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