
अगर आप अभी उत्तराखंड में चारधाम यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो फिलहाल इसे कुछ दिन टाल दें, क्योंकि अधिक भीड़ हो जाने से व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि बिना रजिस्ट्रेशन के यात्री पहुंच गए। बुधवार से प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। व्यवस्था सुधारने के लिए सचिव स्तर के अधिकारी पहुंचे हैं। अब तक 2 लाख 76 हजार 416 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
उत्तरकाशी- गंगोत्री मार्ग पर पर सोमवार को गंगनानी के पास 45 किलोमीटर लंबा जाम लगा था जिसे रात तक खुलवा दिया गया। अब स्थिति सामान्य है हालांकि यात्रा सुचारु रुप से चल रही है।
गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बुधवार को बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 4 को डायबिटीज के साथ-साथ ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी।
पांडेय ने कहा कि कोशिश है सुगम व सुरक्षित यात्रा के साथ हर श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिले।
26 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
पांडेय ने बताया कि चारधामों में 14 मई तक ऑनलाइन कुल 26 लाख 73 हजार 519 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। गंगोत्री में 4 लाख 21 हजार 366, यमुनोत्री के लिए 4 लाख 78 हजार 576, श्रीबद्रीनाथ धाम के लिए 9 लाख सात हजार 60 और केदारनाथ धाम के लिए कुल 8 लाख 13 हजार 558 जबकि श्रीहेमकुंड साहिब के लिए 59,312 पंजीकरण हुए हैं। इसके अलावा हरिद्वार एवं ऋषिकेश में 8 से 14 मई तक कुल 1,42,641 पंजीकरण ऑफलाइन हुए हैं।
उन्होंने बताया कि यमुनोत्री में आज तक 59,158, गंगोत्री में 51,378, केदारनाथ में 1,26,306 व बद्रीनाथ धाम में 39,574 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पहले दिन अधिक श्रद्धालु पहुंच गए
पांडेय ने कहा यमुनोत्री धाम में पांच किमी का रास्ता बेहद संकरा है। यहां पर एक समय में सीमित संख्या में ही लोग आ-जा कर सकते हैं। पिछले साल जब कपाट खुले थे तो उस दिन कुल 6,838 श्रद्धालु आए थे जबकि इस बार कपाट खुलने वाले दिन 12,193 यात्री आ गए। केदारनाथ धाम में पिछले साल कपाट खुलने वाले दिन 18,335 यात्री आए लेकिन इस साल करीब 29 हजार श्रद्धालु पहुंच गए।
यमुनोत्री धाम के जानकी चट्टी में कुल 15,455 श्रद्धालु थे जिनमें से आज सुबह 10 बजे तक कुल 4 हजार यात्री दर्शन भी कर चुके थे। गंगोत्री में 3902, केदारनाथ में सुबह 10 बजे तक 8194 एवं बद्रीनाथ में 4518 ने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यात्रियों को यमुनोत्री व गंगोत्री मार्ग पर भी ठहराया जा रहा है। सूखी टॉप से लौटते समय व गंगनानी से आगे गेट सिस्टम लागू किया गया है।
बगैर रजिस्ट्रेशन यात्रा न करें श्रद्धालु
आज सुबह सचिवालय में मुख्य सचिव ने बैठक ली। इसमें बताया गया कि ऑफलाइन पंजीकरण में जिन लोगों ने 20-21-22 मई के लिए पंजीकरण कराया गया था, वो भी पहले ही पहुंच गए। इस कारण भीड़ बढ़ी। इसलिए आज से प्रशासन की टीमें सख्ती से चेकिंग कर रही हैं।
अगर कोई टूर ऑपरेटर बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को ले जाते हुए मिलता है तो यात्रियों को होल्ड कर वाहनों के परमिट सस्पेंड किए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही यात्रा करने को कहा है साथ ही कहा कि जिस तारीख का पंजीकरण हो उसी दिन पहुंचें।
श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग के इंतजाम
पांडेय ने बताया श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच संबंधी स्क्रीनिंग के पर्याप्त इंतजाम हैं। श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य हिस्ट्री पूछी जा रही है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के बारे में पूरी व सही जानकारी देना चाहिए। चारों ही धाम ऊंचाई पर हैं जहां एकाएक गर्म स्थानों से आए लोगों को यहां के क्लाइमेट में ढलने में दिक्कत होती है। श्रद्धालुओं के लिए कुल 14 भाषाओं में स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की गई है।
केदारनाथ धाम के लिए 18 हजार प्रतिदिन व यमुनोत्री में 8 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन के लिहाज से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। 10 मई को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1 लाख 26 हजार 306 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
लोगों के लिए न रुकने का ठिकाना, न खाने-पीने की व्यवस्था
पिछले चार दिनों के दौरान गंगोत्री जाते वक्त उत्तरकाशी से 20 किमी आगे बढ़ते ही सड़क किनारे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग आराम करते दिख रहे हैं। यहां न खाने का ठिकाना है और न रुकने का। आसपास के गांवों के लोग पानी की बोतल के 30 से 50 रु. तो शौचालय उपयोग का 100 रु. तक ले रहे हैं।
गंगोत्री रूट पर छह दिन से जाम में फंसे महाराष्ट्र, मप्र, गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और दिल्ली के 7 हजार यात्रियों ने आगे की यात्रा स्थगित कर लौटना ही मुनासिब समझा। हांलाकि, केदारनाथ और बद्रीनाथ के रास्तों पर जाम कम है।