डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्‍कार नहीं देने के फैसले पर नार्वे की कमेटी ने दिया जवाब, मारिया को लेकर दुनिया से की बड़ी अपील

Updated on 10-10-2025 04:42 PM
वॉशिंगटन: नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा का इस साल काफी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। इसकी वजह ये थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को दावेदार घोषित कर चुके थे। दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों नें शुमार होने की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम को लेकर नोबेल समिति दबाव में रहेगी। शुक्रवार को नोबेल समिति ने ऐलान किया कि इस साल ये पुरस्कार वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को दिया जा रहा है। नोबेल समिति ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम इसमें था लेकिन उनकी टीम ने बिना किसी दबाव के फैसला लिया है।

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के दबाव अभियान के बारे में पूछे जाने पर नोबेल अध्यक्ष जोर्गेन वाटने फ्राइडनेस ने कहा कि समिति में अपना फैसला लेने का साहस और ईमानदारी है। ट्रंप की पैरवी के सवाल पर भी फ्राइडनेस ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि समिति को हर साल हजारों पत्र मिलते हैं। समिति बिना किसी दबाव के लेती है।

मचाडो की सुरक्षा पर सवाल

जॉर्गेन वाटने फ्राइडनेस से नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मचाडो की सुरक्षा के बारे में भी सवाल किया गया। मचाडो अगस्त 2024 से छिपी हुई हैं। फ्राइडनेस ने कहा, 'यह एक ऐसी चर्चा है जिस पर वे हर साल चर्चा करते हैं, खासकर जब पुरस्कार पाने वाला व्यक्ति अपनी जान को गंभीर खतरे के कारण छिपा होता है।जॉर्गेन ने कहा कि मारिया सक्रिय हैं और वेनेजुएला में ही रहेंगी। इसलिए उन्होंने इस बात पर विचार किया है कि यह पुरस्कार उनके उद्देश्य का समर्थन करेगा, उसे सीमित नहीं करेगा। दिसंबर में ओस्लो में होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में मारिया के आने पर उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि सुरक्षा संबंधी गंभीर स्थिति है।

नोबेल का ऐलान

नोबेल कमेटी ने शुक्रवार को कहा कि साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेज़ुएला की राजनेता मरिया कोरीना मचादो को दिया गया है। नोबेल शांति पुरस्कार मरिया कोरीना मचादो को वेनेजुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीक़े से तानाशाही के सामने लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने के लिए दिया गया है।

नोबेल कमिटी ने अपने बयान में कहा है कि 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार ऐसी महिला को जा रहा है, जिन्होंने अंधेरे के बीच लोकतंत्र की लौ को जलाया है। नोबेल शांति पुरस्कार हासिल कर रहीं मरिया हालिया समय में लैटिन अमेरिका में साहस के सबसे असाधारण उदाहरणों में से एक हैं। वह एक महत्वपूर्ण शख़्सियत रही हैं।

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