जानकारी के अनुसार निगमायुक्त ने निगम वाहनों को कार्य की उपयोगिता एवं परिचालन के आधार पर ही डीजल प्रदाय करने और निरंतर निगरानी कर खपत कम करने के लिए कहा है। उन्होंने मैनिट संस्था से निगम वाहनों का एवरेज निर्धारित कराने के लिए कहा और सीएनजी पंप का भी निरीक्षण किया। यहां निगम वाहनों और अन्य वाहनों को प्रदाय की जा रही सीएनजी की जानकारी प्राप्त की। डीजल टैंक परिसर के निरीक्षण के दौरान एचएफए के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी नवल गौरे द्वारा दो कक्षों में अवैध रूप से कब्जा कर और गतिविधियों को संचालित करने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही कर्मचारी को स्थल पर तलब किया। यहां कर्मचारी नवल गौरे का वेतन रोकने और सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के अधीक्षण यंत्री एचएफए को निर्देश दिए हैं।