इक्विटी MF का चल रहा है जादू, तभी तो पिछले महीने इसमें निवेश 84% बढ़ा, जानिए पूरी बात
Updated on
11-06-2024 02:28 PM
मुंबई: इक्विटी म्यूचुअल फंड में लोगों का उत्साह जारी है। तभी तो बीते मई महीने के दौरान इस निवेश में जोरदार बढ़त देखने को मिली। इसी के साथ यह 34,697 करोड़ रुपये के रेकॉर्ड हाई पर पहुंच गया हे। यह आंकड़ा इससे पिछले महीने के मुकाबले 83 फीसदी अधिक है। इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने के दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड में 18,917 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।
अब तक का सबसे अधिक निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मई महीने के दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड में अब तक का सबसे अधिक निवेश हुआ है। इसकी वजह न्यू फंड ऑफर (NFO) और सेक्टोरल/थेमेटिक स्कीम में 272% की मजबूत वृद्धि देखी गई। इन स्कीम्स में मई में 19,213.43 करोड़ रुपये का इनफ्लो रहा। अप्रैल में यह 5,166.05 करोड़ रुपये था। मई महीने में NFO के जरिए निवेश बढ़कर 10,140 करोड़ रुपये हो गया है। अप्रैल महीने में 1,536 करोड़ से यह काफी अधिक है।
SIP ने फिर बनाया रेकॉर्ड
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश लगातार दूसरे महीने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा। SIP के जरिए मंथली कांट्रिब्यूशन बढ़कर मई में 20,904 करोड़ रुपये हो गया। यह अप्रैल में 20,371 करोड़ रुपये था। इन स्कीम्स में मंथली निवेश लगातार दूसरे महीने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
डेट फंड से पैसे निकाले
बीते महीने डेट (Debt) म्यूचुअल फंड में नेट इन्फलो में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई। अप्रैल में यह 1.89 लाख करोड़ रुपये पर था जो कि मई महीने में 78% गिरकर 42,294 करोड़ रुपये रह गया। शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड, मीडियम-ड्यूरेशन फंड, डायनेमिक बॉन्ड फंड, क्रेडिट रिस्क फंड, गिल्ट फंड और फ्लोटर फंड में निवेशकों ने पैसा निकला। फ्लोटर फंड (546.41 करोड़) और क्रेडिट रिस्क फंड( 540 करोड़) में सबसे अधिक निवेशकों ने पैसे निकाले।
स्मॉल-कैप फंड में भरोसा कायम
स्मॉल-कैप फंड में लगातार दूसरे महीने निवेशकों का रुझान बढ़ता दिखा। मई में 2,724 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अप्रैल में 2,208.70 करोड़ रुपये से अधिक है। ELSS और फोकस्ड फंड को छोड़कर सभी इक्विटी कैटेगरी ने मई में पोजिटिव इनफ्लो हुआ। हालांकि, ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड में ओवरऑल इनफ्लो मई में 54% घटकर 1.11 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि अप्रैल में यह 2.40 लाख करोड़ रुपये था।
निवेशकों को मिला मौका
मई महीने में आम चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान बीच-बीच में शेयर बाजार में करेक्शन हुआ। इस करेक्शन ने निवेशकों को बाजार में कुछ खरीदारी का मौका दिया। इसके अलावा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में वापस आने की उम्मीद ने भी निवेशकों की खरीदारी को बढ़ावा दिया। आखिर कर एनडीए की सरकार भी बन गई।
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