
भोपाल। राजधानी के मेट्रो यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। एमपी मेट्रो जल्द ही मेट्रो की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी में है। अत्याधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने के बाद यात्रियों का सफर न केवल तेज होगा, बल्कि पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक भी हो जाएगा।
वर्तमान में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर (एम्स से सुभाष नगर) के बीच सात किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 25 मिनट का समय लगता है। नए सिग्नलिंग सिस्टम के सक्रिय होते ही यह समय घटकर केवल 16 मिनट रह जाएगा। यानी हर ट्रिप में करीब 9 मिनट की बचत होगी। आठ स्टेशनों वाले इस कॉरिडोर पर मई तक इस तकनीक के पूरी तरह चालू होने की संभावना है।
पिछले कुछ समय से मेट्रो के ट्रिप में आई कमी को लेकर यात्री परेशान थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जनवरी में 13 ट्रिप से घटाकर अब केवल नौ ट्रिप ही संचालित की जा रही हैं। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि यह कटौती अस्थायी है। सिग्नलिंग सिस्टम के अपग्रेडेशन और सुरक्षा मानकों की जांच के कारण ट्रिप कम किए गए हैं। सिस्टम शुरू होते ही ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) बढ़ा दी जाएगी, जिससे प्लेटफार्म पर इंतजार का समय कम होगा।
यह एक ऐसी तकनीक है जो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए उन्हें कम अंतराल और तेज गति पर चलाने में मदद करती है। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होता है और सुरक्षा बढ़ती है। मेट्रो प्रबंधन का अनुमान है कि स्पीड बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। फिलहाल वीकेंड पर औसत 1500 और कामकाजी दिनों में करीब 300 यात्री सफर कर रहे हैं।
परिचालन समय: सुबह 11 से शाम 4:30 बजे तक
कुल फेरे: 9 (5 एक तरफ, 4 दूसरी तरफ)
फ्रीक्वेंसी: करीब 75 मिनट का अंतराल